सामूहिक विवाह समारोह में टीएमसी छपे गद्दे सप्लाई करने वाली फर्म इंडियन जनरल ट्रेडर्स का पता सोमवार को भी सत्यापित नहीं हो सका है। फर्म के जीएसटी नंबर पर भी संदेह बना हुआ है। इसी आधार पर उन्नाव में दूसरी एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। यह मामला सरकारी सप्लाई में फर्जीवाड़ा करने वाले सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है। प्रदेश में ऐसे कई सिंडिकेट काम कर रहे हैं।
उन्नाव में समाज कल्याण विभाग ने सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया था। इसमें उपहार के सामान के रूप में गद्दे भी सप्लाई किए गए थे। वितरण के बाद पता चला कि इन गद्दों पर राजनीतिक दल टीएमसी का अधिकृत रंग और चुनाव चिह्न छपा है। साथ ही उन पर टीएमसी भी लिखा हुआ था। यह गद्दे अलीगढ़ की इंडियन जनरल ट्रेडर्स नामक फर्म ने सप्लाई किए थे। फर्म का पंजीकृत पता अलीगढ़ के नगला पटवारी, गली नंबर तीन, नईम कॉलोनी बताया गया था।
नगला पटवारी गली नंबर तीन में नईम कॉलोनी नाम की कोई जगह नहीं मिली है। हालांकि, नगला पटवारी से दूर वहीद नगर में इस नाम की कॉलोनी बताई जा रही है। लेकिन वहां भी इस फर्म के विषय में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। उन्नाव प्रशासन ने इस जानकारी पर अलीगढ़ की फर्म पर एफआईआर दर्ज कराई है। फर्म के पते और जीएसटी नंबर की तस्दीक रविवार से की जा रही है। सोमवार शाम तक भी यह पता सत्यापित नहीं हो सका। फर्म के अंकित जीएसटी नंबर पर भी लगातार संदेह बना हुआ है। यह स्थिति प्रदेश में सक्रिय ऐसे सिंडिकेट की ओर इशारा करती है जो सरकारी सप्लाई में शामिल होते हैं और फर्म के नाम, पते, पहचान आदि के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं। हालांकि इस विषय में उन्नाव प्रशासन जांच कर रहा है।
अलीगढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार मलिक का कहना है कि इस नाम की फर्म न तो उनके विभाग में पंजीकृत है और न कभी उनके यहां टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुई। उन्नाव प्रशासन की ओर से कोई मदद मांगी जाएगी तो सहयोग किया जाएगा।
अलीगढ़ में भी सक्रिय हैं ऐसे सिंडिकेट
शहर के कुछ जानकार लोगों का मानना है कि जनपद में भी एक ऐसा सिंडिकेट काफी समय से काम कर रहा है। यह सिंडिकेट किसी के नाम-पते पर फर्म बनाकर काम करता है। इसमें किसी अन्य के जीएसटी नंबर और बैंक खाते का उपयोग किया जाता है। यह सब सरकारी रकम को चूना लगाने के इरादे से किया जाता है।