प्रो. असद उल्लाह खान ने इस महामारी से जिन लोगों की जान जा सकती है, उन्हें न तो कैंसर होगा और न ही कोई बीमारी होगी। उनकी मौत की वजह एएमआर होगी। 70 वर्ष आयु से ज्यादा उम्र के लोगों में 65 फीसदी लोग एएमआर से मर सकते हैं। हालांकि, 10 करोड़ लोगों को बचाया भी जा सकता है। इसके लिए स्वच्छ पानी पीना होगा, नहाना होगा, पका भोजन खाना होगा। साथ ही साफ-सफाई का भी ख्याल रखना होगा।
एंटीबायोटिक दवाओं से करें परहेज, सरकार को भी बनानी होगी नीति
प्रो. असद उल्लाह खान ने कहा कि अक्सर लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार हो जाता है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं ले लेते हैं, जो नुकसानदायक है। गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक की दवाएं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को भी नीति बनानी होगी। अस्पताल में जांच व्यवस्थाएं आधुनिक करनी होगी।