मृत व्यक्ति के नाम फर्जी तरीके से चार लाख रुपये का लोन करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग और बैंक कर्मियों के खिलाफ थाना दादों में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें राजस्व विभाग के लेखपाल-कानूनगो सहित बैंक के चार कर्मी आरोपी बनाए गए हैं।
असदपुर क्याम नगला देवी निवासी गीता यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में गांव नाह तहसील अतरौली में गाटा संख्या 522, रकबा 8.220 हेक्टेयर के पांचवें हिस्से का बैनामा किशनपाल से कराया था। उस समय किशनपाल पर ट्रैक्टर और केसीसी का कुल 4.55 लाख रुपये का ऋण था। बैनामा कराने से पहले उन्होंने इसको अदाकर नो ड्यूज प्राप्त किया था। दाखिल-खारिज कराया, लेकिन खतौनी में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया।
इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने 12 जनवरी 2023 को राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करने का आदेश दिया। पीड़िता ने आरटीआई के माध्यम से 2018 में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से जानकारी मांगी, जिसमें बैंक ने बताया कि उक्त भूमि पर कोई ऋण नहीं है। आरोप है कि तहसील के लेखपाल गौरव, कानूनगो महेश और आर्यावर्त बैंक दादों शाखा के कर्मचारियों लायक राम, सिद्धार्थ मिश्रा, दीपक वर्मा और विष्णु कुमार ने मिलीभगत कर पुरानी खतौनी दिखाकर 25 मई 2023 को किशनपाल के नाम चार लाख का नया ऋण मंजूर कर दिया, जबकि उनकी मौत 28 नवंबर 2023 को हो चुकी है। थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर राजस्व विभाग एवं बैंक कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।