टीकाराम मंदिर को लाइट लगा कर सजाया गया।
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर शहर के धर्माचार्य, मंदिर समितियां, संत, पुजारी और श्रद्धालु उत्साहित हैं। इस शुभ बेला पर दीपोत्सव के साथ साथ विविध आयोजन किए जाने की तैयारी की जा रही है। इन सबके बीच सेंटर प्वाइंट स्थित टीकाराम मंदिर में अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का प्रतिरूप देखने को मिलेगा। यहां लाइटिंग, दीपोत्सव, महाआरती, प्रसाद वितरण सहित अयोध्या की विभिन्न परंपराओं का निर्वहन भी किया जाएगा।
टीकाराम मंदिर के पुजारी राजू पंडित ने बताया कि फूल बंगला, लाइटिंग, रामधुन के साथ भव्य आरती का आयोजन होगा। इतना ही नहीं सभी मंदिर परिवार के लोगों मिलकर दीपोत्सव भी मनाएंगे। राम दरबार का विशेष शृंगार भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अयोध्या के हर कार्य में मंदिर सहयोग करता है। ऐसे में भूमि पूजन और भी अधिक महत्व रखता है।
वहीं, अचलताल स्थित गिलहराज मंदिर में अखंड रामायण का पाठ चल रहा है। भूमि पूजन के समय विशेष आरती की व्यवस्था की गई है। आरती मंदिर के पुजारी और महंत ही करेंगे। महंत योगी कौशलनाथ ने बताया कि 1990 में वह वृंदावन में थे। साधु संतों के संघर्ष को देखकर उनके मन में भी संकल्प था कि राम मंदिर बने। धीरे धीरे समय बदला और आज वह शुभ घड़ी आ गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते आरती दर्शन फेसबुक के माध्यम से लाइव ही कराए जाएंगे। जबकि दीपदान मंदिर समिति के सेवादार अचलताल में करेंगे।
शहर के श्री वार्ष्णेय मंदिर में बुधवार शाम आठ बजे रामजी की विशेष स्तुति की जाएगी और मंदिर में दीप माला सजाई जाएगी। यह जानकारी राधेश्याम गुप्ता स्क्रैव वाले और भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने दी है।
सारसौल स्थित सिद्धपीठ साईं मंदिर में विशेष सजावट, रंगीन रोशनी की तैयारियां की जा रही हैं। बुधवार को साईं दरबार को हरे रंग से सजाया जाएगा। मंदिर व्यवस्थापक धर्म प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि भंडारे का प्रसाद भी वितरण किया जाएगा।
इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, हिंदूवादी संगठन और श्रद्धालु अपने अपने स्तर से भी विभिन्न मंदिरों में आयोजन कर रहे हैं। आरती, दीपोत्सव का कार्यक्रम मुख्य रूप से शहर के अधिकांश क्षेत्र में आयोजित होगा।