तेज बारिश के दौरान बुधवार रात्रि में अचलताल स्थित प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा ढहकर अचल सरोवर में चला गया। संयोग अच्छा था कि मंदिर के सेवादार एवं उनके परिजन बाल-बाल बच गए। मुख्य मंदिर में कोई नुकसान नहीं हुआ है। आक्रोशित बजरंग दल कार्यकर्ता एवं दूसरे संगठनों के सदस्यों ने जीटी रोड जाम कर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मामले में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। दो दिन में कमेटी को रिपोर्ट देनी है।
बुधवार की रात्रि में तेज बारिश के दौरान अचलेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा ढहकर अचल सरोवर में चला गया। मंदिर परिसर स्थित हनुमान जी, नवदुर्गा, साईं बाबा आदि की छोटी-छोटी मूर्तियों सहित सेवादारों के दो कमरे भी ढह गए। संयोग अच्छा था कि ढहने के पहले छत से पानी टपकने की वजह से दो सेवादार एवं उनके परिवार के सदस्य कमरे से बाहर आ गए थे। इसी दौरान कमरे एवं दीवार ढहकर अचल सरोवर में गिर पड़े। सेवादारों के कमरों के एसी, अलमारी, टीवी, फ्रीज, गैस सिलिंडर एवं चूल्हा, इंडक्शन चूल्हा, पलंग सहित दैनिक जीवन से जुड़े सामान अचल सरोवर में चले गए। सुबह में सूचना के बाद काफी संख्या में लोग अचलेश्वर महादेव मंदिर में जुट गए। बजरंग दल एवं दूसरे संगठन से जुड़े लोग इस घटना के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आक्रोशित लोग मंदिर के सामने जीटी रोड जाम कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। सूचना के बाद सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह, एसीएम एवं थाना गांधी पार्क की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बजरंग दल के महानगर संयोजक गौरव शर्मा की अधिकारियों से कहासुनी भी हुई। अभी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत अचल सरोवर में काम चल रहा है। आरोप है कि अचलेश्वर महादेव मंदिर की तरफ से मिट्टी काटने एवं सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण दीवार एवं मकान को क्षति हुई है। सेवादार जितेंद्र गोस्वामी, ज्ञान प्रकाश, क्षेत्रीय पार्षद अलका गुप्ता एवं दिनेश गुप्ता की तरफ से थाना गांधी पार्क में तहरीर देकर मामले की जांच कराने एवं दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, भाजपा नेता अजय गुप्ता, राहुल चेतन आदि भी मौके पर पहुंचे थे। विधायक ने कमिशभनर से वार्ता कर राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निर्माण में लापरवाही को लेकर खूब नाराजगी जताई।
रात्रि में करीब 11:30-12 बजे कमरे में पानी टपक रहा था। मैं बाहर आ गया। अंदर सो रही मां एवं पत्नी को भी बाहर बुला लिया। बगल के कमरे में ज्ञान प्रकाश अपने परिजनों के साथ सो रहे थे। सभी को बाहर बुला लिया। इसी दौरान दीवार एवं कमरे ढह गए। भगवान की कृपा से हम लोगों की जान बच गई। काफी सामान बर्बाद हुआ है।
जितेंद्र गोस्वामी, सेवादार
अचल सरोवर में मंदिर की तरफ कोई काम नहीं हुआ है। कुछ लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। कमेटी को दो दिन में रिपोर्ट देनी है। मुख्य मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। आगे नुकसान न हो, इसके लिए जरूरी कार्य किए जाएंगे। सेवादारों को रहने में दिक्कत हो तो नगर निगम के आश्रय स्थल में रह सकते हैं। जब तक खाने-पीने की व्यवस्था नहीं हो जाती, नगर निगम द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर कराने का आश्वासन दिया गया है।
राजबहादुर सिंह, सहायक नगर आयुक्त