बीती 9 जनवरी को कुलदीप ने उसके पति की हत्या कर शव गांव के बाहर रख दिया। कहा कि वह बीमार थे, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव खराब हो जाएगा, यह कह कर अंतिम संस्कार करा दिया। कुछ दिन बाद उसे पता चला कि वह बीमार नहीं हुए और न ही किसी अस्पताल में इलाज हुआ।
चार महीने इक्कीस दिन बाद पत्नी की कवायद पर पति की हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। परेशान पत्नी ने अदालत की शरण ली। अदालत ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आदेश दिया। मामला गंगीरी थाने के गांव भगोसा का है। भगोसा निवासी मंजू देवी पत्नी वीरपाल सिंह ने बताया कि उसका पति जयपुर में गांव के ही कुलदीप पुत्र लालाराम के साथ पत्थर तोड़कर रेता बनाते थे।
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बीती 9 जनवरी को कुलदीप ने उसके पति की हत्या कर शव गांव के बाहर रख दिया। कहा कि वह बीमार थे, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव खराब हो जाएगा, यह कह कर अंतिम संस्कार करा दिया। कुछ दिन बाद उसे पता चला कि वह बीमार नहीं हुए और न ही किसी अस्पताल में इलाज हुआ। कुलदीप ने अपने एक साथी के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी थी।
थाने पहुंची तो पुलिस ने कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद उसने अदालत का सहारा लिया। अदालत के आदेश पर 30 मई को पुलिस ने मंजू देवी की तहरीर पति वीरपाल की हत्या का मुकदमा गांव भगोसा निवासी कुलदीप पुत्र लालाराम उर्फ हुटटन व वेदप्रकाश पुत्र खानचंद्र निवासी गांव प्रकाशपुर थाना डिबाई जिला बुलंदशहर के खिलाफ दर्ज किया है।