चीमनपुर रोड स्थित 132 केवी बिजली घर के बराबर में एए इंटरप्राइजेज नाम की फैक्टरी में सोमवार तड़के करीब तीन बजे भीषण आग लग गई। इस दौरान फैक्टरी के ऊपर से जा रही 33केवीए की लाइन के तार टूट गए और सात बिजली घरों से जुड़े करीब 150 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। सात दमकलों ने दोपहर बाद करीब तीन बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया।
गनीमत रही कि बगल में मौजूद 132केवी बिजली घर सुरक्षित रहा। करीब नौ घंटे बाद बिजली विभाग के अधिकारी आपूर्ति सुचारू कर पाए। गाजियाबाद निवासी विनय कुमार की चीमनपुर गांव रोड पर फैक्टरी है। फैक्टरी के सुपरवाइजर हापुड़ जनपद के धौलाना निवासी इंदु ने बताया कि फैक्टरी में पुराने टायर जलाकर उसमें से तार, तेल और राख को अलग-अलग किया जाता है। फैक्टरी के ऊपर से पिसावा के लिए 33 केवी की लाइन निकली है। इन तारों के नीचे फैक्टरी परिसर में टायरों का बड़ा ढेर लगा था। इन्हीं टायरों में आग लगी और देखते ही देखते वह विकराल हो गई।
सूचना पर थाना पुलिस के साथ गभाना से अग्निशमन कर्मी पहुंच गए। टायरों पर फैलती आग देखकर पुलिस-प्रशासन ने खैर, बन्नादेवी, तालानगरी और एक सीमेंट फैक्टरी सहित सात दमकलों को मौके पर बुला लिया। सुबह दस बजे तक काफी आग की लपटें तो बुझा ली गईं थी, लेकिन टायरों के ढेर में आग सुलगती रही, जिस पर पानी डाला जाता रहा।दोपहर बाद करीब तीन बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
फैक्टरी के सुपरवाइजर इंदु का आरोप है कि कोहरे और ओस की बूंदें ऊपर से जा रही 33 केवी लाइन के तारों पर गिर रही थी, जिससे उनमें स्पार्किंग हो रही थी। तारों से निकल रहीं चिंगारियां टायरों पर गिर रही थीं, जिससे आग लगी है। उन्होंने आग से फैक्टरी को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही है, हालांकि देर शाम तक फैक्टरी की ओर से थाने में तहरीर नहीं पहुंची थी।
-विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग टायर फैक्टरी के अंदर से लगी है। आग की लपटों के कारण 33 केवी लाइन के तार टूटे हैं। मौके पर कोतवाल सत्यवीर सिंह, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व सीओ सहित विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई मौजूद रहे।
-टायर फैक्टरी में आग लगने का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पा रहा है। दोनों तरह की बातें कही जा रही हैं। कुछ तार की चिंगारी से तो कुछ फैक्टरी के अंदर से आग लगने की बात कह रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। -धनंजय, सीओ गभाना।