खाद्य पूर्ति विभाग ने एक जीवित व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में 'मृत' घोषित कर दिया। इस लापरवाही से उक्त व्यक्ति को न केवल सरकारी राशन मिल रहा है और न आयुष्मान योजना का लाभ।
गांव तहारपुर निवासी मनोहर के लिए सरकारी सिस्टम परेशानी बनकर खड़ा हो गया है। विभाग की ओर से 2024 में मनोहर को मृत दर्ज कर दिया। उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया। जबकि वह जीवित हैं। अधिकारियों के सामने खुद के जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं।
विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा मनोहर को दोहरी मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है, जिसमें राशन कार्ड से नाम कटने के कारण उन्हें और उनके परिवार को मिलने वाला सरकारी अनाज बंद हो गया है। मनोहर का आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, लेकिन दस्तावेजों में 'मृत' होने के कारण उन्हें अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। तहारपुर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एसडीएम सिसिर कुमार सिंह ने बताया है कि मामला संज्ञापन में है। जांच कराई जा रही है। राशन कार्ड में संशोधन कराया जाएगा।