हैकरों ने आईडी हैक कर उत्तर प्रदेश सहित दस राज्यों के लोगों के 597 जन्म प्रमाण पत्र बना लिए। इसके अलावा 150 जन्म प्रमाण पत्र अप्रूव नहीं हो सके हैं। इनमें सर्वाधिक बिहार के 213 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बने, जबकि यूपी के बस्ती जिले के 66 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए हैं।
अलीगढ़ के विकास खंड बिजौली की ग्राम पंचायत दत्ताचोली बुजुर्ग के ग्राम पंचायत सचिव की आईडी हैक कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का काम किस गिरोह ने किया है। इस सवाल का जवाब तलाशने को अभी जांच जारी है। साइबर टीम साक्ष्य जुटा रही है। वहीं सीओ क्राइम की अब तक की जांच रिपोर्ट के आधार पर पाली मुकीमपुर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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ये घटनाक्रम 15 से 18 अगस्त तक का है। जब हैकरों ने आईडी हैक कर उत्तर प्रदेश सहित दस राज्यों के लोगों के 597 जन्म प्रमाण पत्र बना लिए। इसके अलावा 150 जन्म प्रमाण पत्र अप्रूव नहीं हो सके हैं। इनमें सर्वाधिक बिहार के 213 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बने, जबकि यूपी के बस्ती जिले के 66 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। दत्ताचोली बुजुर्ग के ग्राम पंचायत अधिकारी नागेंद्र सिंह के अनुसार 14 अगस्त 2025 को ग्राम पंचायत की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अपनी आईडी खोली तो मेसेज ‘डियर यूजर द लिंक ऑफ फॉरगेट पासवर्ड हैज बीन सेंड ऑन योर रजिस्टर्ड ईमेल आईडी’ दिख रहा था।
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साइबर शातिरों ने बार- बार मोबाइल नंबर बदले हैं। हैकरों ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र बना दिए। यूपी में अलीगढ़ के जो जन्म प्रमाण पत्र बने हैं, वे गंगीरी के गांव तक के हैं। ऐसे में पुलिस पहले मोबाइल व कंप्यूटर की लोकेशन के साथ-साथ अलीगढ़ व हाथरस के जिन लोगों के प्रमाण पत्र बने हैं, उन तक संपर्क कर अपनी जांच शुरू कर रही है। सीओ छर्रा धनंजय ने इस मामले में पंचायत सचिव की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि की है। वहीं जांच जारी है।
पंचायत सेक्रेटरी की आईडी हैक करने व 597 जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। साथ में विभागीय जांच भी की जा रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं इसमें कोई मिलीभगत तो नहीं। जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।-यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ