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छैमार गैंग के सरगना भीका का 50 हजारी लुटेरा बेटा गिरफ्तार

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शेखू मियां उर्फ काला को गिरफ्तार। - फोटो : CITY OFFICE
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कासगंज में डाका डालने के दौरान एक ही परिवार के कई लोगों की हत्या के बाद सुर्खियों में आए छैमार गैंग के सरगना कुख्यात भीका का 50 हजार का इनामी लुटेरा बेटा शेखू मियां दो साल की फरारी के बाद दबोच लिया गया। उसे एसटीएफ ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। वह यहां दादों के सांकरा और टप्पल के घरबरा खादर में हुईं दो मुठभेड़ों में पिता सहित गैंग के तीन साथियों के मारे जाने के बाद फरार हुआ था। तभी से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। उसने मुजफ्फरनगर में अपना नया ठिकाना बनाया था और पहचान बदलकर रह रहा था। एसटीएफ ने गिरफ्तारी के बाद उसे यहां दादों लाकर मुकदमे में दाखिल किया और न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेज दिया।
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पश्चिमी यूपी के बड़े इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी में एसटीएफ जुटी है। इस बीच एसटीएफ को दादों क्षेत्र के सांकरा गंगा खादर में 20 मई 2018 में हुई मुठभेड़ में दो साथियों एहसान व सोहेल के मारे जाने के बाद फरार हुए 50 हजार के इनामी छैमार गैंग के सदस्य शेखू मियां उर्फ काला पुत्र वाकिर उर्फ भीका उर्फ मो. मियां निवासी चिनिया वाली मढ़िया सिरसी नखासा संभल हाल निवासी दानिशपुर डेरा दादों के मुजफ्फरनगर में होने की सूचना मिली।
एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को उसे गांव सूजढ़ू ईदगाह के पास, कोतवाली मुजफ्फरनगर से दबोच लिया। वह वहां डेरा बनाकर रह रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि 20 मई को उसके दो साथियों के सांकरा और फिर 22 मई को उसके पिता भीका के टप्पल के सांकरा में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद वह फरार हो गया था। तभी से वह नया ठिकाना बनाकर यहां रह रहा था।
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इस दौरान ईंट भट्ठों पर काम कर रहा था। फिलहाल, बारिश के कारण भट्ठों पर काम बंद था। उसे एसटीएफ पहले मुजफ्फरनगर कोतवाली लेकर गई। वहां से उसे दादों लाया गया और यहां दर्ज पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे में लिखा पढ़ी में दाखिल कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया गया। उस पर वर्ष 2018 में सहावर कासगंज में डकैती और अमापुर कासगंज में डकैती के अलावा दादों में पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा लिखा पढ़ी में दर्ज है।
- छैमार गैंग बावरिया की तर्ज पर डकैती, लूट के अपराध करता है। पश्चिमी यूपी में वह कासगंज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। उसका पिता व गैंग के दो साथी कासगंज कांड के बाद अलीगढ़ पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए थे। चूंकि उन्होंने गंगा की कटरी पर सांकरा इलाके में अपने डेरे बना रखे थे। इसलिए पुलिस को उनकी मुखबिरी जल्द मिल गई थी। अब एसटीएफ ने यहां मारे गए भीका के बेटे को दबोचा है। उससे रिमांड पर लेकर पूछताछ में अन्य जानकारियां भी निकलवाई जाएंगी।-मुनिराज जी एसएसपी
छह को मारकर बनता है छैमार
जरायम पेशे में कहावत है कि बावरिया की तर्ज पर काम करने वाले भी घुमंतू बावरिया जाति से ही आते हैं। इनके यहां अपराध करने वाले नए सदस्य को पहले छह लोगों की हत्या करनी पड़ती है। तभी वह छैमार गैंग में शामिल होता है। हालांकि लंबे समय से छैमार गैंग यहां सक्रिय नहीं है।
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