शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव जमालपुर जाट में नलकूप के ट्रांसफाॅर्मर पर जंफर लगाते समय संविदा कर्मी करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। खबर पाकर परिजन सहित पहुंचे ग्रामीणों ने शव रखकर परिजन को मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विभागीय अधिकारियों ने उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया, तब कहीं शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
गांव जमालपुर सिया खास निवासी मदनपाल सिंह (40) अमरौली बिजली घर पर कार्यरत संविदा पर कार्यरत थे। शुक्रवार की सुबह गांव जमालपुर जाट निवासी हरिओम सिंह के नलकूप के ट्रांसफाॅर्मर में खराबी की सूचना पर अमरौली बिजली घर से शटडाउन लेकर वहां पहुंचे थे। टूटे जंफर को सही करने के लिए वह ट्रांसफाॅर्मर पर चढ़ गए। इसी दौरान लटका हुआ एक तार उनकी गर्दन में चिपक गया। तार में करंट प्रवाहित था जिससे झुलसकर मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वह अपने पीछे पत्नी संगीता सहित तीन बेटों को रोता छोड़ गए।
यह खबर पाकर परिजन सहित गांव जमालपुर सिया खास से तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि शटडाउन लेने के बावजूद लाइन चालू कैसे कर दी गई? परिजन को मुआवजा, पेंशन, नौकरी सहित दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने।
मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता योगेंद्र सिंह, एसडीओ और जेई ने आश्वस्त किया कि परिजन को दस लाख रुपये, मृतक पत्नी को पेंशन और एक परिजन को मृतक आश्रित के तहत संविदा पर विभाग में नौकरी मिलेगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। वहीं खबर पर एसडीएम गभाना विनीत कुमार मिश्रा भी पहुंच गए थे।