मच्छर जनित रोग लगातार पांव पसार रहे हैं। शुक्रवार को जवां क्षेत्र के एक गांव में एक डेंगू और एक अन्य गांव में चिकिनगुनिया का मरीज मिला है। इस खबर पर संचारी रोग नियंत्रण टीमों ने इस इलाके में गांव-गांव सर्वे व जांच आदि तेज कर दी है। जिले में पहला चिकिनगुनिया का केस मिलने पर महकमे में गतिविधिया और तेज हो गई है।
जवां के कोटा खास गढ़ी में एक घर में डेंगू के मरीज की पुष्टि हुई। इस सूचना पर डीएमओ की अगुवाई में हुई जांच में आसपास के 50 घरों में सर्वे किया गया। इस दौरान पता चला कि मरीज पुणे में नौकरी करता था। बुखार आने पर वह घर आया था। उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य को कोई परेशानी नहीं है। फिर भी लार्वा जांच करते हुए दवा का छिड़काव कराया और सैंपल लेकर रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं।
इस दौरान कुछ घरों में डेंगू का लार्वा भी पाया गया, जिसे नष्ट कराया गया। इधर, क्षेत्र के ही गांव तालिबनगर में एक मरीज चिकिनगुनिया का मिला है। उसके घर के अलावा आसपास के क्षेत्र में जांच, सर्वे, छिड़काव व लार्वा नष्ट कराने का काम किया गया।
यह जिले में चिकिनगुनिया का पहला मरीज है। इसके अलावा छर्रा क्षेत्र में और नगर टीम ने ऊपरकोट, धौर्रा आदि जगहों पर सर्वे किया। सीएमओ डॉ.नीरज त्यागी का कहना है कि डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया आदि वायरल के अलग अलग रूप हैं। ये मच्छरजनित रोग हैं। इन्हें लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस सावधानी, सफाई और समय पर उपचार पर ध्यान देने की जरूरत है।