शहर में शाम होते ही ऑटो और ई-रिक्शा का सफर यात्रियों की जेब पर भारी पड़ने लगता है। दिन में जिस दूरी का किराया 10 रुपये होता है, वही शाम के समय 20 रुपये या उससे अधिक वसूला जा रहा है।
मनमाने किराये को लेकर यात्रियों और चालकों के बीच आए दिन नोकझोंक की स्थिति बन रही है। गांधी पार्क से क्वार्सी जाने वाले छात्र राजीव कुमार ने बताया कि दिन में 10 रुपये किराया लगता है, लेकिन शाम को चालक सीधे 20 रुपये मांगते हैं। विरोध करने पर बहस करते हैं और वाहन में बैठाने से भी इन्कार कर देते हैं।
यात्री सुमन शर्मा का कहना है कि महिलाओं और बुजुर्गों को भी कोई राहत नहीं मिलती। अधिक किराया देने से मना करने पर चालक गंतव्य तक ले जाने से साफ मना कर देते हैं। विकास गुप्ता, रजनी वर्मा और अनुजा अग्रवाल सहित अन्य यात्रियों ने भी तय किराया सूची लागू कराने की मांग की है।
चालकों का तर्क है कि शाम के समय सवारियां कम हो जाती हैं और खर्च बढ़ जाता है। ऑटो चालक ओमवीर, राजवीर और रईश ने बताया कि कम सवारियों के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी है। ई-रिक्शा चालक रन सिंह के अनुसार बैटरी चार्जिंग, रखरखाव और समय की लागत को देखते हुए अतिरिक्त किराया लेना पड़ता है।
आरटीओ प्रशासन दीपक कुमार शाह का कहना है कि शहर में ऑटो और ई-रिक्शा का रूटवार किराया पहले से निर्धारित है। यदि कोई चालक यात्रियों से मनमाने तरीके से किराया वसूल रहा है तो यह नियमों के विरुद्ध है। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।