अलीगढ़। मां, वह रूप है जिसके विषय में अपने बच्चे की खातिर जान जान तक न्यौछावर कर देने वाली किवदंतियां हैं। उसी मां के सम्मान में 13 मई मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है। मगर इस दिन एक मां अपनी उस बेटी से माफी मांगने की मुद्रा में है, जो अभी इस दुनिया से बेखबर है और उसकी कोख में पल रही है। वजह है कि इस अजन्मी बेटी की खातिर उसे आग के हवाले कर दिया गया और अब खुद वह मां व उसकी आने वाली बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। वाकया मडराक क्षेत्र के गांव पला ऐसी का है। मूल रूप से दिल्ली के शाहदरा निवासी कारोबारी प्रेमपाल सिंह ने अपनी जुड़वा बेटी में से एक नीती की शादी पला ऐसी निवासी संपन्न किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विशाल जादौन से 4 अक्टूबर 2009 में धूमधाम से की। शादी के बाद नीती ने रिया को जन्म दिया, जो आज डेढ़ साल की है। इसके बाद नीती फिर गर्भवती हुई तो ससुरालियों ने नीती का लिंग परीक्षण करा लिया। मगर फिर भी उन्हें पता चल गया कि नीती के पेट में फिर बच्ची पल रही है। बस फिर क्या था, उसे परेशान करना शुरू कर दिया। नीती व उसके भाई अमित का आरोप है कि वह उस पर बेटियों के लिए मायके से खर्चा मंगाने का दबाव बना रहे थे। इसके चलते दो बार वह मायके में भी रही। अब 24 अप्रैल की दुपहर वह घर में सो रही थी, तभी मिट्टी का तेल छिड़कर उसे आग के हवाले कर दिया। वह तो शोर पर पड़ोसियों ने छत से कूदकर उसे बचाया और बाद में सासनी गेट के एक नर्सिंग होम में भरती करा गए। खबर पर मायके वाले पहुंचे और उसे ट्रामा सेंटर में भरती कराया। ट्रामा सेंटर में लगातार इलाज के बाद अब उसकी हालत में सुधार तो है। मगर पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उसके पेट में पल रही बच्ची के भविष्य को लेकर भी तमाम खतरे हैं। जिस दिन से घटना हुई है, उस दिन से ससुराली देखने तक नहीं आए हैं। नीती की बड़ी बेटी को उसके मायके भेज दिया गया है। नीती के भाई अमित का आरोप है कि पुलिस भी मदद नहीं कर रही। टूटी फूटी भाषा में नीती यही कहती है कि उसे उस बेटी के लिए सजा मिली है, जो अभी हुई भी नहीं है। हालांकि नीती के मजिस्ट्रेटी बयान हो गए हैं। डाक्टरों के अनुसार नीती 55 प्रतिशत जली है। लगातार सुधार हो रहा है। इस संबंध में एसओ मडराक का कहना है कि इस संबंध में सूचना दर्ज है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।