अलीगढ़। मर्चेंट नेवी में नौकरी पाने के इरादे से शारजाह की निजी शिपिंग कंपनी में ट्रेनिंग पर गए नौ भारतीय युवकों के शिप पर सोमालियायी जल दस्युओं ने हमला भी बोला था। बाद में ईरानी कोस्टगार्ड ने उन्हें तस्करी के आरोप में गिरफ्तार भी किया था। यह खुलासा एक साल जेल में रहने के बाद पिछले माह बंधन मुक्त होकर लौटे सभी नौ युवकों में शामिल मुरसान के युवक भूपेंद्र ने किया है। उसने गोंडा के सरवन की मौत का कारण भी डाकुओं के हमले में मारपीट और दहशत बताया है। हालांकि सभी नौ युवक सकुशल लौट आए हैं। मगर सरवन का परिवार आज भी गम में है। इधर, भूपेंद्र का पिता अपने बेटे व उसके साथियों को गिरफ्तार रखने के मामले में आज भी लड़ाई लड़ रहा है।