अलीगढ़। ट्रेन का निर्धारित गति से तेज रफ्तार में होना, ड्राइवर का सो जाना, बीमार होना या लापरवाही में लाल सिग्नल पार कर जाना। ट्रेन हादसा ऐसी स्थिति में तय है। अधिकांश ट्रेन दुर्घटनाओं की जांच में ऐसे ही कारण सामने आते हैं। अब ऐसी ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस रेलवे ट्रैक पर टीपीडब्ल्यूएस सिस्टम लागू हो रहा है। जिसमें ट्रेन के लाल सिग्नल पार करते ही कंप्यूटर सिस्टम से ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएंगे और ट्रेन रुक जाएगी। देश भर में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग से लैस 3 हजार किमी. के बिजी रेलवे ट्रैक पर इसको लगाया जाना है। निजामुद्दीन-आगरा कैंट सेक्शन में 32 स्टेशनों के बीच इसका काम पूरा होने को है। अब गाजियाबाद-अलीगढ़-कानपुर, कानपुर-मुगलसराय और आगरा-ग्वालियर में वित्तीय वर्ष 2012-13 में यह सिस्टम लागू होना है।