अलीगढ़। आईटीआई रोड स्थित केदारनाथ अस्पताल के डॉ. प्रमोद वार्ष्णेय को साजिश के तहत दुष्कर्म के मामले में फंसाया जा रहा है। सीओ द्वितीय सत्यप्रकाश यादव ने सीसी कैमरे के फुटेज देखने के बाद भी अनदेखा कर दिया है। उन्हें पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है। अगर न्याय नहीं मिला तो सभी डाक्टर शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और शनिवार को एक दिवसीय हड़ताल होगी। यह बात गुरुवार को डा. प्रमोद वार्ष्णेय की पत्नी डा. ममता वार्ष्णेय ने पत्रकाराें से कहीं।
डा. ममता वार्ष्णेय का दावा है कि आंदोलन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन और नर्स़िग होम एसोसिएशन हमारे साथ हैं। हड़ताल में महानगर के करीब 250 से अधिक क्लीनिक और नर्सिंग होम बंद रहेंगे। उन्होंने मांग की है कि पुलिस अफसर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएं और साजिश करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई करें। पुलिस आए दिन नर्स़िग होम में आकर अनावश्यक दबाव बना रही है, उन्हें परेशान किया जा रहा है। सरकारी डाक्टर और मेडिकल स्टोर एसो. को भी अपने साथ लिया जाएगा। आईएमए महिला क्लब की सदस्यों का कहना है कि समाज इस तरह की घिनौनी हरकतों के लिए महिलाओं का प्रयोग न करें। वह इसका विरोध करती हैं।
एसएसपी को सौंपा ज्ञापन
अलीगढ़। आईएमए, पीडीए, और नर्स़िग होम एसोसिएशन की संयुक्त बैठक गुरुवार को केदारनाथ अस्पताल में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि क्या डाक्टरों को बीमारों के उपचार से पहले शपथ पत्र लेना चाहिए कि वह कोई झूठा षड़यंत्र तो नहीं करेगा? क्या डाक्टरों को महिला मरीज को भर्ती करने से पहले जाति आदि का शपथ पत्र तथा परिवार की एक महिला को साथ रखने का नियम बनाना चाहिए या साथ में किसी पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगे ताकि वह सही गलत की निगरानी करता रहे? इस तरह के सवाल डाक्टरों के समक्ष डॉ. प्रमोद वार्ष्णेय प्रकरण ने खड़े कर दिए हैं। अगर मरीज और तीमारदाराें के स्तर से डाक्टराें के खिलाफ ऐसे आरोप लगते रहेंगे तो डॉक्टर व मरीज के बीच दीवार बन जाएगी। बैठक में डाक्टरों ने कहा कि डाक्टर प्रमोद वार्ष्णेय निर्दोष हैं, जैसा कि सीसी टीवी फुटेज से साफ प्रतीत होता है। बैठक के बाद पूरे प्रकरण को लेकर गुरुवार शाम को सभी एसोे. के लोगों ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपा। एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान डॉ. विनोद सक्सेना, डॉ. जीपी वार्ष्णेय, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. के चंद्रा, डॉ. आशा राठी, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. राजीव वार्ष्णेय, डॉ. नीलेश मित्तल, डॉ. वैभव वार्ष्णेय, डॉ. प्रभात शुक्ला, डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. संजय भार्गव, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. संजीव गर्ग, डॉ. प्रवीन वार्ष्णेय, डॉ. मंजू, डॉ. रश्मि अग्रवाल आदि थे।