अलीगढ़। पुलिस की भारी लापरवाही एवं संवेदनहीनता के कारण वीरमपुर कांड के पीड़ित परिजन गांव छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रताप उर्फ कालू ने कहा कि गांव गया तो वे लोग मुझे मार देंगे। परिवार के जीवित सदस्यों की जान खतरे में है।
बुधवार को जमीनी विवाद में लोधा के गांव वीरमपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की लाठी, डंडे, सरिया एवं फरसा से पीट कर हत्या कर दी थी। जबकि हैवानियत के शिकार परिवार का चौथा सदस्य प्रताप उर्फ कालू गंभीर रूप से घायल है और उसका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। हमलावरों ने कालू को मृत समझकर छोड़ दिया था। पांच नंबर वार्ड में भर्ती कालू का कहना है कि वह अब गांव नहीं जाएगा। वहां लोग उसे जान से मार देंगे। पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। वे लोग कुछ भी कर सकते हैं। 15 दिन पूर्व पुलिस के बुलाने पर मां के साथ लोधा थाने में गया था। वहां मां के साथ गाली-गलौज कर पुलिसकर्मियों ने भगा दिया। मुझे 151 में बंद कर दिया। गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं हैं। प्रधान और गांव के लोगों के पास भी गया था कि दबंगो से बचाएं। लेकिन गरीब का साथ किसी ने नहीं दिया। मेडिकल में कालू की देखभाल मौसी एवं विवाहित बहन कर रही हैं। घटना की चर्चा पर सभी लोग सिहर उठते हैं।
नमस्ते... मैं पीएल पुनिया बोल रहा हूं
अलीगढ़। नमस्ते... मैं पीएल पुनिया बोल रहा हूं। कुछ देर पहले आप के घर आया था। परिवेश से बात करा दीजिए...। जेएन मेडिकल कॉलेज में वीरमपुर कांड में घायल कालू को देखने पहुंचे अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के चेयरमैन पीएल पुनिया ने वहां मौजूद लोगों से कालू की चोट की जानकारी ली। उसके बाद गाड़ी से फोन मंगाकर कालू की भाभी (वीरमपुर कांड में मारे गए कैलाश की पत्नी) को फोन लगाया। फोन किसी और ने रिसीव किया तो अपना परिचय दिया और परिवेश से बात कराने को कहा। दरअसल पीएल पुनिया जब वीरमपुर गए थे तो मृतक कैलाश की पत्नी परिवेश ने बताया था उसके देवर कालू की रीढ़ की हड्डी टूट गई हैं। जब उन्हें पता चला कि कालू की रीढ़ की हड्डी नहीं टूटी है तो उन्होंने स्वयं परिवेश को इसकी सूचना दी। उन्होंने परिवेश की बात कालू से भी कराई। वहां पर मौजूद एक पुलिसकर्मी से अब तक पीड़ित परिवार को दी गई सहायता के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि पीड़ित परिवार का बैंक खाता नहीं है, इसलिए मदद राशि में दिक्कत हो रही हैं। अलविदा नमाज के कारण शुक्रवार को बैंक बंद हैं, इसलिए आज खाता नहीं खुल सका। यह सुनकर पीएल पुनिया चौंक गए। उन्होंने मेडिकल में कालू, उनकी मौसी एवं बहन को भरोसा दिलाया कि चिंता न करे। सब इंतजाम कर देंगे। कालू ने उन्हें बताया कि अब वह गांव में नहीं जाएगा। उसके एवं उसके परिजनों को जान का खतरा है। हमलावर लोग सभी को खत्म कर देंगे। पीएल पुनिया ने पत्रकारों से कहा कि वे प्रशासन से बात कर वीरमपुर के बदले हरदुआगंज में जमीन दिलाने की कोशिश करेंगे।