अलीगढ़। बेशक निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव का दंभ भर रहा है। मगर अपने जिले में यह संभव हो पाएगा या नहीं कहना मुश्किल है। बात साफ है कि जिले में थानेदारों की तैनाती में मानकों की अनदेखी की गई है। यह बात सोमवार को आगरा जोन के आईजी डॉ. आशुतोष पांडेय ने मीडिया के सवालों पर स्वीकारी और यह भी कह दिया कि बेशक यह विभागीय लापरवाही है और इसकी जांच कराई जाएगी। मगर अब सब कुछ आयोग के हाथ में है। पूरा ब्योरा आयोग को भेजा जा चुका है। यहां पुलिस लाइंस के मनोरंजन सदन में चुनावी तैयारियों पर मीटिंग को संबोधित करने आए आईजी से जब मीडिया ने बातचीत शुरू की तो निष्पक्ष चुनाव के सवाल पर उनसे यही पूछा गया कि जिले में थानेदारों की तैनाती में मानक पूरे नहीं हैं। एक बिरादरी विशेष के 50 प्रतिशत दरोगाओं को थानेदार बना रखा है। इस पर आईजी ने जवाब दिया कि थानों की पोस्टिंग का मसला उनसे जुड़ा नहीं है। इसकी जानकारी जिले से सीधे प्रदेश मुख्यालय को दी जाती है। फिर भी पिछले दिनों पूरे प्रदेश में जिलों में थानेदार बनने योग्य दरोगाओं का चिह्नीकरण हुआ था। हो सकता है उसमें अलीगढ़ रह गया हो। इसकी विभागीय जांच करा ली जाएगी।
आचार संहिता उल्लंघन के मसले से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं भी नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस लाइंस के पास ही एक पार्टी विशेष के प्रत्याशी कार्यालय पर प्रचार सामग्री लगाकर आचार संहिता उल्लंघन की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि कार्रवाई कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट पर भड़काऊ प्रचार के मामले में कहा कि इस संबंध में गूगल आदि के मुख्यालय वार्ता की जाएगी और किसी को इस तरह के प्रचार से शिकायत है तो वह पुलिस से शिकायत कर सकता है। कुछ थानेदारों पर प्रत्याशी या पार्टी विशेष का समर्थक बनकर काम करने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।