अलीगढ़। अदालत में हाजिर होने के फरमान की अनदेखी कर रहे कश्मीरी छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी एएमयू के निलंबित प्रो.एम शब्बीर की अंतरिम जमानत याचिका शुक्रवार को रद्द कर दी गई। याचिका खारिज होने के बाद अब आरोपी प्रोफेसर का जेल जाना लगभग तय हो गया है। पुलिस भी शब्बीर की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय होगी।
अदालत ने यह आदेश उस वक्त सुनाया जब शुक्रवार को उनकी अंतरिम जमानत पर सुनवाई हो रही थी। शब्बीर के वकील रामबाबू शर्मा ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर हाजिरी माफी की अपील की थी। रामबाबू ने कहा था कि शब्बीर जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहा है इसलिए अदालत में हाजिर नहीं हो सकता। मगर कोर्ट ने इस दलील को ठुकराते हुए उनको पूर्व में दी गई अंतरिम जमानत भी रद्द कर दी। नए घटनाक्रम से पिछले सवा महीने से चल रही यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर शब्बीर की गिरफ्तारी के लिए खींचतान फिर से शुरू हो गई है और गेंद पुलिस के पाले में आ गई है। अब यह पुलिस की कार्यशैली पर निर्भर है कि शब्बीर जेल जाएगा या फिर से उसे कोई मौका मिल जाएगा? मगर जिस तरह से यहप्रकरण कानूनी दावपेंच से जूझता हुआ आगे बढ़ रहा है। उन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत शब्बीर का जेल जाना लगभग तय माना जा रहा है। कानून के जानकारों की मानें तो अगर पुलिस ने फिर से हीलाहवाली की तो शब्बीर को हाईकोर्ट से जमानत मिल सकती है। कश्मीरी छात्रा की ओर से वकील पूनम बजाज ने शब्बीर की अंतरिम जमानत को चुनौती देने के वास्ते साक्ष्य एकत्र करने के लिए कुछ समय मांगा था। अदालत ने पूनम की इस दलील को स्वीकारते हुए 17 जनवरी को सुनवाई का वक्त मुकर्रर किया था। पूनम ने बताया कि अब शब्बीर का गैर जमानती वारंट दोबारा से प्रभावी हो गया है और पुलिस को कार्रवाई करनी है। इधर, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस हैदर रजा जैदी ने कहा है कि शब्बीर की गिरफ्तारी का पूरा प्रयास किया जाएगा। वह बीमार है या क्या वजह है? इसकी जानकारी करने के बाद कानून के दायरे में कार्रवाई होगी।