अलीगढ़ (ब्यूरो)। पंच पर्व अबकी बार पहली नवंबर से शुरू हो रहे हैं। 1 नवंबर को धनतेरस, 2 को नरक चौदस और 3 नवंबर को कार्तिक कृष्ण अमावस्या पर दिवाली मनाई जाएगी। अगले दो दिनों में गोवर्धन पूूजा तथा भैया दूज की धूम रहेगी। सभी घरों में पंच पर्व की तैयारी शुरू हो गई है। शुभ कार्यों के लिए धनतेरस और दिवाली का मुहूर्त समृद्धि देगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान धनवंतरी की जयंती मनायी जायेगी। शुभ संवत 2070 साके 1935 को शुक्रवार हस्त नक्षत्र विधृति योग गर करण चंद्रमा के कन्या राशि में रहते हुए धनतेरस मनाई जाएगी। इस समय प्रदोष काल समय 5:52 से 8:16 तक तुला लग्न में पूजन करने पर शुभ फल प्रदान होगा। इसी दिन आरोग्य के देवता धनवंतरी का जन्म हुआ था इसलिए धनतेरस के दिन धनवंतरी पूजन संध्या का समय होगा। इस समय दीपदान करना महत्वपूर्ण होता है। धनतेरस पर कलश बर्तन/सोना चांदी इत्यादि धातुओं को खरीदने का विधान है । इस दिन पुराने टूटे फ टे कपडे़ बर्तनों का परित्याग कर नवीन बर्तन घर लाने चाहिए। इन बर्तनों को गंगाजल से पवित्र कर रोली चावल से महालक्ष्मी का आह्वान करना चाहिए।