अलीगढ़ (ब्यूरो)। महानगर के जमालपुर इलाके में दलित मजदूर ने दबंगों की दहशत में आत्महत्या कर ली और रक्षाबंधन पर उसकी बहन राखी भी बांध नहीं सकी। इतना ही नहीं, सुबह बेटे की मौत की खबर पर पिता भी जान देने चल पड़ा। उसे पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने जैसे-तैसे बचाया। बात पुलिस तक न पहुंचे, इसके दबंगों ने दबाव बनाकर युवक का अंतिम संस्कार करा दिया।
वाकया जमालपुर बड़ी मस्जिद वाली गली का है। यहां एक व्यक्ति की इकलौती बेटी की दो साल पहले शादी हो चुकी है, जबकि चार बेटों में बड़ा मजदूरी करता था। रक्षाबंधन पर मजदूर युवक की बहन मायके आई हुई थी। बहन को उपहार देने के इरादे से वह मोहल्ले के ही दबंग ठेकेदार के पास मंगलवार दुपहर मजदूरी मांगने गया। इस पर ठेकेदार ने उसकी पिटाई कर दी। साथ ही कह दिया कि भविष्य में रुपये मांगे तो अंजाम बुरा होगा। वहां से आकर युवक चुपचाप घर में चला गया और रात में किसी समय उसने घर में फांसी लगा ली। बुधवार सुबह लोगों ने लाश देखी तो परिवार में कोहराम मच गया। वह दबंग भी आ गया, जिसने युवक को पीटा था। बात पुलिस तक न पहुंचे, इसके लिए वह युवक के पिता को धमकाने लगा। इस पर मृत युवक का पिता भी सुसाइड करने कमरे में पहुंच गया और बेहोश हो गया। मगर उसे जैसे-तैसे बचाया गया। बाद में दबंगों के डर के कारण पुलिस को बताए बिना युवक का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, चर्चा है कि मोहल्ले वाले ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो लैपर्ड भी मोहल्ले में गई। मगर तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। इसलिए लैपर्ड बिना कोई खोजबीन किए लौट आई। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस हैदर रजा जैदी का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है और न कोई थाने आया। अगर शिकायत आएगी तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।