अलीगढ़ (ब्यूरो)। पश्चिमी यूपी और एनसीआर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने अलीगढ़ के कुख्यात बदमाश सोनू गौतम की 5 साल बाद गुरुवार को स्थानीय सिविल कोर्ट में पेशी हुई। उसे तारीख पर तिहाड़ जेल से यहां लाया गया। इस दौरान लाव लश्कर के साथ काफी लोग सोनू से मिलने आए, जिनमें से करीब एक दर्जन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। मुलाकात का मंतव्य, पृष्ठभूमि, कार्य क्षेत्र, चरित्र आदि का विवरण इकट्ठा कर सभी को छोड़ दिया गया। लाव लश्कर देखकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां हतप्रभ रह गईं।
दर्जनों संगीन वारदात में आरोपी सोनू दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। अलीगढ़ गोंडा के शहरी मदन गढ़ी निवासी सोनू गौतम को गुरुवार को ट्रेन से अलीगढ़ लाया गया। यहां पर सोनू के धारा 313 में बयान हुए। सन 2008 में दीवानी कचहरी में हवालात में बंद एक बंदी पर हमला करने के आरोप में सोनू पर यहां मुकदमा चल रहा है। अन्य तीन आरोपी बरी हो चुके हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 मई को होगी। पेशी के बाद सोनू को वापस ले जाने के लिए रेलवे स्टेशन ले जाया गया। यहां भी गाड़ियों का काफिला सोनू के पीछे हो लिया। रेलवे स्टेशन पर पुलिस भी सक्रिय हो गई और पीछे आ रहे एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया, जिसमें कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इनमें कुछ बुलंदशहर, गोंडा और मैलरोज बाईपास आदि निवासी हैं। कुछ बाइक और लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं।