अलीगढ़ (ब्यूरो)। एफडीए की टीम ने गुरुवार को दूध के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया। टीम ने अकराबाद क्षेत्र के गांव गोपी में एक मकान में छापा मारकर 25 क्विंटल सिंथेटिक दूध बरामद कर नष्ट कराया। इस दौरान दूध बनाने की लाखों की सामग्री सीज की गई। मौके से डेयरी संचालक राम वीरेश फरार हो गया। टीम ने मौके से आठ सैंपल भरे। एफडीए की सिंथेटिक दूध की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। डेयरी संचालक सिंथेटिक दूध की टैंकरों के माध्यम से मथुरा व सिकंदराराऊ सप्लाई करता था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि गोपी में सिंथेटिक दूध की डेयरी का संचालन हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से दूधिया सिंथेटिक दूध तैयार कर लाते हैं। इसी सूचना पर सघन निगरानी की गई। सूचना सही पाए जाने पर जिलाधिकारी व एडीएम सिटी को जानकारी दी। एसडीएम कोल, व अकराबाद पुलिस के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को लेकर गुरुवार की सुबह 11 बजे गोपी में डेयरी पर छापा मारा। छापामारी के दौरान बंद मकान से एक व्यक्ति निकल कर भागा। मकान पर बाहर से ताला पड़ा था। टीम ने मकान पर लगे ताले को तुड़वाया। ताला टूटने के बाद अंदर भी मकान पर ताला लगा था। उस ताले को तुड़वाया तो तीन व्यक्ति अंदर सिंथेटिक दूध बनाते मिले। मौके पर 25 क्विंटल सिंथेटिक दूध तैयार मिला। 12 क्विंटल सूखा पाउडर, तीन बोतलें लिक्विड डिटरजेंट, 70 किलो सोयाबीन रिफाइंड, 200 किलो क्रीम, पांच किलो रीठा घोल, आधा बोरा केमिकल मिला। तैयार दूध के तीन सैंपल तथा सूखा पाउडर, डिटरजेंट, रीठा घोल व केमिकल का एक-एक सैंपल भरा। टीम ने तैयार दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया। दूध बनाने की दो लाख रुपये से अधिक की सामग्री को उसी मकान में सीज कर दिया। लोगों ने बताया कि सिंथेटिक दूध टैंकरों से मथुरा व सिकंदराराऊ को सप्लाई किया जाता है।