खैर/जट्टारी। यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित जमीन के फसली मुआवजे की मांग कर रहे टप्पल के किसान सोमवार को फिर उग्र हो गए। पहले तो किसानों ने एकत्रित होकर जिकरपुर में हाईवे के नीचे चर्चित रहे धरना स्थल पर कई घंटे तक बैठक की। फिर शाम चार बजे से हाईवे के बराबर स्थित खेतों में आधा दर्जन ट्रैक्टर चलाकर 45 बीघा जमीन जोत दी। यही नहीं, किसानों ने लगभग 30 बीघा जमीन की परेवट भी कर दी है। इस दौरान टप्पल एसओ ने मौके पर पहुंच कर किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
किसानों के मुताबिक, एसओ ने कहा कि कप्तान ने चार दिन और रुकने के लिए कहा है। जिस पर किसानों ने कहा कि पांचों गांव की एक-एक बीघा जमीन का मुआवजा दे दो। चार नहीं पांच दिन रुक जाएंगे। सुनवाई न होती देख एसओ लौट गए। किसानों का कहना है कि वे मंगलवार को होली नहीं खेलेंगे। बल्कि सुबह सवेरे से ही खेतों की जुताई, परेवट के साथ फसल की बुवाई शुरू कर देंगे।
जिकरपुर के किसान सुखवीर सिंह, कल्लू बघेल, सुरेश, देवदत्त नवाब, किशनलाल, राजपाल, भजनलाल, रामवीर आदि ने बताया कि तीन वर्ष से फसल का मुआवजा नहीं मिला है। जब भी मांग उठाई अधिकारी कभी 15 दिन तो कभी एक माह का समय देकर टालते चले आ रहे हैं। अब दो दिन का समय दिया था परंतु कुछ नहीं हुआ। तीन साल से फसल का मुआवजा नहीं मिला है। जिससे घरों में फाके पड़े हैं, ऐसे में त्योहारों के क्या मायने। एसओ टप्पल राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे बैठक में किसानों को समझाने गए थे परंतु वे नहीं माने, उच्चाधिकारियों को बता दिया है। एसडीएम विजय कुमार का कहना है कि सीमा विवाद के मामले में होडल गए थे। ज्यादा जानकारी नहीं है, खेत जोतने की जानकारी मिली है किसानों से बात की जाएगी।