न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महा शिव रात्रि पर शिव भक्तों की सेवा में जिस तरह से अल्लाह के बंदे लगे हैं। उससे आपसी भाईचारा व सौहार्द को मजबूती मिलती है। देश की एकता व अखंडता पर बलरामपुर के मशहूर शायर पद्मश्री बेकल उत्साही ने कहा था ‘धर्म मेरा इस्लाम है भारत जन्म स्थान, वजू करूं अजमेर में, काशी में स्नान’। ऐसा ही कुछ नजारा सासनीगेट चौराहे पर लगे शिविर में दिखा, जहां अमान उल्लाह अपने साथियों के साथ कांवड़ियों की सेवा में लगे रहे।
शिविर में आने वाले डॉ. निजाम उद्दीन भी कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं। खांसी, सर्दी, जुकाम, पैर, सिर दर्द, छाले की दवाएं कांवड़ियों को मुहैया करा रहे हैं। अमान उल्ला ने शिव भक्तों को केला व दूध भेंट किया। इससे पहले अमान उल्लाह ने नवरात्र पर काजीपाड़ा में कन्या व लांगुरा को भोजन कराया था। इस अवसर पर सोनी शर्मा, रुकसाना, रेशमा, मौलाना रईश अहमद आदि मौजूद रहे।
एएमयू छात्रसंघ ने शिव भक्तों को भेंट किए फल
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संघ के छात्रों ने कांवड़ियों का स्वागत कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। एएमयू तिब्बिया कॉलेज के सामने छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कैंप लगाकर शिवभक्तों को फल भेंट किए। छात्रसंघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि इंसानियत व धर्म निरपेक्षता को लेकर कांवड़िये को फल भेंट किया गया है। सलमान ने कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम बांटने की सियासत चल रही है। एएमयू के छात्र शिव भक्तों की सेवा कर भाईचारा पैगाम बांट रहे हैं। सचिव हुजैफा आमिर रशीदी ने कहा कि शिव भक्त दूर-दूर से कांवड़ लेकर भूखे प्यासे आ रहे हैं, इसलिए छात्रसंघ ने कैंप लगाकर उनको फल व पानी वितरित किए हैं। इस अवसर पर तारिक अहमद सहित तमाम छात्र मौजूद रहे।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के महानगर अध्यक्ष बाबा फरीद आजाद ने सासनीगेट चौराहे पर शिवभक्तों का स्वागत किया। बाबा फरीद ने महाशिव रात्रि पर्व को एकता व भाईचारे का प्रतीक बताया। सभी धर्म इंसानियत का पैगाम देते हैं। मनुष्य की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर मजहर उद्दीन, अलीम, बब्लू, दिलशाद, कमाल उद्दीन, असलम, सलमान आदि मौजूद रहे।