न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू प्रकरण के बाद जिला प्रशासन ने राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी में बुधवार को होने वाले कुल हिंद मुशायरे को स्थगित कर दिया है। अब इस मुशायरे का आयोजन अगली तिथि घोषित कर किया जाएगा। जबकि बुधवार को बाहर से आने वाले कुछ शायर अलीगढ़ आ चुके थे। उन्हें जब जानकारी हुई तो वह बेहद असहज हुए।
क्योंकि शायरों का भुगतान नहीं हुआ था। उन्हें यहां तक आने के लिए अपना ही पैसा खर्च करना पड़ा था।
बुधवार को होने वाले कुल हिंद मुशायरे में शिरकत करने के लिए अंजुम रहबर सहित हसीब सोज, हसन, नसीम निकहत, शादाब आजमी, मैकश आजमी, हसन काजिमी, मुईन शादाब आदि शायर आ गए थे।
लेकिन जब पता लगा कि मुशायरा स्थगित हो गया है तो कुछ शायरों ने वापसी का फैसला किया। कुछ ने प्रशासन से संपर्क साधने की कोशिश की। कुछ शायरों ने संयोजक से संपर्क किया तो आश्वासन दिया गया कि पांच-पांच हजार का चेक दे दिया जाएगा। एक शायर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अक्सर मुशायरा नहीं होने की सूरते हाल में चेक थमा देना फौरी तौर पर मामले को साध देना होता है। अधिकांश मामलों में चेक का भुगतान नहीं हो पाता है। इसलिए कुछ शायर इस चेक वाले झांसे में नहीं आए।
सन 2013 में नुमाइश में ही कृष्णांजलि नाट्यशाला में हुए कुल हिंद मुशायरे के शुरू होने से पहले ही एएमयू छात्रों को सीट नहीं मिलने पर उस समय जमकर हंगामा हुआ था। प्रशासन ने इस बार इस बात का भी ध्यान रखा। उस समय तत्कालीन एक प्रशासनिक अधिकारी को मंच पर पहुंच कर माफी मांगनी पड़ी थी। हंगामे के चलते शायर और शायरात मंच से भाग खड़े हुए और जिसको जहां जगह मिली, शरण ले ली थी।