न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
निर्बाध बिजली आपूर्ति के बाद भी नगर निगम अपने रैन बसेरों में जेनरेटर चलाने के नाम पर प्रति महीने 80 हजार रुपये भुगतान कर रहा है। इस मामले में एक संबंधित कर्मचारी की भूमिका को संदेह के घेरे में रखा ज रहा है जो अधिकारियों को गुमराह कर यह सब कर रहा है।
नागरिक चेतना समिति ने इस संबंध में नगर निगम को पत्र लिखकर शिकायत की है और संबंधित कर्मचारी की जांच की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि इस समय रैन बसेरों को ही नहीं बल्कि शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। यहां पर बिजली जाने की स्थिति में जेनरेटर रखवाए गए हैं। लेकिन इनको चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
इसके बाद भी एक महीने का डीजल का खर्च 80 हजार रुपये नगर निगम से ले लिया है। पत्र में आरोप लगाया है कि नगर निगम के अधिकारियों को इस संबंध में गुमराह किया गया।
इस संबंध में नगर निगम के अधिशासी अभियंता रमाकांत राम ने बताया कि इस संबंध में वह अपने स्तर से मामले की जांच कर जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही करेंगे।
गर्माहट में गड़बड़ी, कागजों पर जल रहे अलाव
केवल जेनरेटर का डीजल ही नहीं बल्कि सर्दी में गरीबों को दी जाने वाली गर्माहट में भी नगर निगम पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। कड़ाके की सर्दी में रात के समय नगर निगम द्वारा जलने वाला अलाव कागजों पर ही जल रहा है।
करीब 60 स्थानों पर अलाव जलवाना निर्धारित है, लेकिन सिर्फ दो स्थानों पर अलाव जल रहा है। एक अलाव प्वाइंट पर 30 किलो लकड़ियां रखे जाने का प्रावधान है। इस संबंध में भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कमिश्नर कार्यालय को पत्र लिखकर शिकायत की है।
पत्र में कहा गया है कि पिछले दिनों नगर निगम को पत्र लिखकर अचल ताल, गांधी पार्क, हाथरस अड्डा, मदार गेट, मानिक चौक, दुबे का पड़ाव सहित 24 स्थानों पर अलाव जलवाने की मांग की थी। लेकिन उस पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
उन्होंने कहा है कि प्रतिदिन 1740 कुंतल लकड़ी की खपत कागजों पर ही दिखा दी जाती है। यह गंभीर मामला है और जांच का विषय है।
क्या कहते हैं अफसर
‘हमने बुधवार को ही 72 स्थानों पर अलाव का प्रबंध किया। जो अलाव के सिर्फ दो स्थानों पर जलने की बात कह रहे हैं संभवत: जब वह पहुंचे होंगे तो लकड़ी जल चुकी होगी और उन्हें कुछ नहीं मिला होगा। वह अलाव डलवाने के संबंध में आसपास के लोगों से पूछ सकते हैं कि यहां पर अलाव डालने आ रहे हैं या नहीं। इसके अलावा अगर किसी को कोई शिकायत है तो वह हमसे संपर्क कर सकता है’
- रामाकांत राम, अधिशासी अभियंता, नगर निगम