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एएमयू में 7 साल से नान टीचिंग के चुनाव ही नहीं

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एएमयू में सात साल से नान टीचिंग के चुनाव ही नहीं

ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पिछले सात साल से नान टीचिंग इंप्लाइज यूनियन का चुनाव नहीं हुआ है। इस कारण उसका प्रतिनिधित्व एएमयू इंतजामिया के समक्ष नहीं हो पा रहा है। जबकि प्रत्येक नान टीचिंग इंप्लाइज से यूनियन के मद में प्रति माह पांच रुपये वेतन से कटौती होती है। इस प्रकार सात वर्षों में विश्वविद्यालय प्रशासन के पास लाखों रुपये जमा हो गए हैं, लेकिन चुनाव की बात अभी शुरू भी नहीं हुई है। इस बात को लेकर नान टीचिंग इंप्लाइज में रोष है।

एएमयू में करीब 1400 नान टीचिंग इंप्लाइज हैं। एक महीने में इनके वेतन से कटौती की राशि सात हजार रुपये होती है। एक वर्ष में यह रकम 84 हजार और सात वर्ष में 5 लाख 88 हजार रुपये पैसा इकट्ठा होता है। इसमें अगर ब्याज की राशि भी जोड़ दी जाए तो यह राशि छह लाख से ऊपर बैठती है।
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इतना पैसा इकट्ठा होने पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन नान टीचिंग इंप्लाइज यूनियन के चुनाव नहीं करा रहा है, जबकि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नान टीचिंग इंप्लाइज को भी अपना प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। चुनाव अभी तक क्यों नहीं हुए हैं इसको लेकर कोई ठोस जवाब भी विवि प्रशासन की ओर से नहीं आया है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में टीचर्स की एसोसिएशन अमुटा, फोर्थ ग्रेड, रेजीडेंट डाक्टर्स का संगठन आरडीए, स्टूडेंट यूनियन आदि सभी के चुनाव होते रहे हैं।
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इंतजामिया इस बात से ही बेखबर
एक ओर जहां चुनाव नहीं होने पर नान टीचिंग इंप्लाइज यूनियन में अंदर ही अंदर रोष पनप रहा है वहीं इंतजामिया को इस बात की भनक ही नहीं है। इससे विवि प्रशासन की इंटेलीजेंस प्रणाली की सक्रियता का भी पता चलता है। चुनाव न होने के संबंध में जब एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा से पूछा तो उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की मुझे पूरी जानकारी नहीं है। आप इस संबंध में रजिस्ट्रार से पूछें। जब रजिस्ट्रार जावेद अख्तर से पूछा तो उन्होंने कहा कि फाइल देखने के बाद इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
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