न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
वैसे तो परिवहन विभाग में भेदियों की कमी नहीं रही है। सड़क पर चेकिंग करने वाली प्रवर्तन टीम की पल पल की जानकारी भेदिये ओवरलोडिंग करने वालों को दे रहे हैं। वर्तमान में कुछ ज्यादा ही भेदिये पैदा हो गए हैं।
इससे अधिकारी इतने परेशान हो गए हैं कि उन्हें अपने अधीनस्थों को अपनी लोकेशन किसी को न देने और भेदियो से सावधान होकर चेकिंग के निर्देश देने पड़ रहे हैं। आरटीओ ने एआरटीओ को चेकिंग में पुलिस एवं मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर संयुक्त चेकिंग के निर्देश दिए हैं।
आरटीओ प्रवर्तन की टीम को सबसे ज्यादा भेदियों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर चेकिंग के दौरान भेदिये चेकिंग टीम की जानकारी ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालक एवं उनके मालिकों को दे देते हैं। इससे ओवरलोडिंग करने वाले अपने वाहनों को जहां के तहां रोक देंते एवं दूसरे रास्तों से होकर निकाल लेते हैं।
इसका खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ता है वह पूरे रात सड़क पर खड़े होकर ओवरलोड वाहनों का इंतजार करते रहते हैं और ओवरलोड वाहन दूसरे रास्ते से होकर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। इससे निपटने के लिए आरटीओ प्रवर्तन निर्मल प्रसाद ने एआरटीओ प्रवर्तन अभिताभ चतुर्वेदी विशेष दिशा निर्देश दिए हैं।
आरटीओ प्रवर्तन निर्मल प्रसाद ने बताया कि हालांकि भेदियों से निपटने के तरीके प्रवर्तन के अधिकारियों को ट्रेनिंग के दौरान ही सिखाए जाते हैं, लेकिन समय समय पर उन्हें याद दिलाने पड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने संभाग के सभी एआरटीओ को निर्देशित किया है कि 10 टन अथवा इससे अधिक ओवरलोडिंग वाले वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में देने के बाद पीडीपीपी एक्ट के तहत वाहन स्वामी, चालान, वाहन को ओवरलोड करने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कराने को डीएम के पास फाइल भेजे। डीएम की अनुमति मिलने पर सभी के खिलाफ एफआईआर कराई जाए। ताकि ओवरलोडिंग पर लगाम लग सके।