क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों के साथ ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के तार अब अलीगढ़ में भी फैलने लगे हैं। महानगर के थाना सासनी गेट के सराय सुल्तानी निवासी मो. इमरान पुत्र नईम अहमद औैर उनके बहन के जेठ मो. राशिद निवासी भुजपुरा के साथ दिल्ली के एक एजेंट द्वारा ठगी का मामले सामने आया है।
आरोप है कि एजेंट ने गत वर्ष 13 नवंबर को दोनों को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर स्थित एक होटल में काम करने भेजा था। वहां पहुंचने के एक दिन बाद ही 15 नवंबर को उनके वीजा की समय अवधि समाप्त हो गई।
इसके साथ ही दलाल ने 1500 रिंग्गित (मलेशिया की मुद्रा) प्रतिमाह तनख्वाह दिलाने क ा आश्वासन देकर वहां भेजा था। मगर, होटल संचालक उन्हें तय से कम तनख्वाह दे रहा है।
नईम के भाई नसीम अहमद ने बताया कि नईम यहां जूते-चप्पल बेचने का काम करते थे और राशिद मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। दिल्ली के अकोला निवासी फिरोज के संपर्क में आ गए।
फिरोज मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है। फिरोज लगभग पांच साल से परिवार के संपर्क में था। इस बात पर भरोसा कर फिरोज के जरिये वह दोनों मलेशिया चले गए हैं।
पैसे के अभाव में घर लौटने को नहीं खरीद पा रहे टिकट
नसीम के अनुसार 15 नवंबर को वीजा समाप्त होने के बाद भाई नईम का फोन आया था। उसने पूरा घटनाक्रम बताया। अब घन लौटने के लिए दोनों नियमानुसार मलेशिया सरकार से आउट पास और टिकट जारी करना है। उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह टिकट और आउट पास खरीद सकें। होटल मालिक से लेकर उन्हें मलेशिया भेजने वाला दलाल भी अब कोई मदद नहीं कर रहा है।
फिरोज ने नकारे आरोप
नईम और राशिद को मलेशिया भेजने वाले एजेंट फिरोज का कहना है कि उन्हें 90 दिन का वीजा जारी किया गया है और अब दोनों को दो-दो साल का वर्किंग वीजा भी जारी हो चुका है। पैसे भी तय रकम के अनुसार ही मिल रहे हैं। दरअसल, अब वह दोनों वहां काम नहीं करना चाहते। इसलिए घर वापस आने को अड़े हैं।