डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
सरकारी स्तर पर गभाना के गांव कोमला कंदौली में गो सेवा केंद्र बनाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद अब यह केंद्र पीपीपी माडल पर बनवाया जा रहा है। गो सेवा केंद्र के निर्माण की जिम्मेदारी गाजियाबाद के चौ.रमेश चंद चेरीटेबिल ट्रस्ट को दी गई है। बुधवार को एसडीएम गभाना एवं ग्राम प्रधान कोमला की मौजूदगी में 30 साल के अनुबंध पत्र पर ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं ने हस्ताक्षर किये।
बताते चलें कि पशुपालन विभाग ने आवारा गायों को आसरा देने के लिए गभाना के गांव कोमला कंदोली में चारागाह की 540 बीघा जमीन पर गो सेवा केंद्र बनाने की घोषणा की थी। लेकिन शासन स्तर से बजट न मिलने एवं नियमों के अड़ंगे के चलते यह प्रोजेक्ट परवान नहीं चढ़ सका। डीएम के प्रयासों से गाजियाबाद का चौ.रमेश चंद चेरीटेबिल ट्रस्ट आगे आया और उसके कर्ताधर्ताओं ने गोसेवा केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा। एसडीएम गभाना अनिरुद्घ प्रताप सिंह ने स्वीकार किया कि ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं के साथ गांव कोमला कंदौली में गो सेवा केंद्र बनाने के अनुबंध पत्र पर बुधवार को हस्ताक्षर किये गए हैं। इस मौके पर प्रधान कोमला संजय सिंह भी मौजूद रहे।
गोमूत्र, दूध, घी बेचकर निकलेगा खर्चा
अलीगढ़। करीब दस हजार गाय रखने वाली क्षमता के इस गोसेवा केंद्र का खर्च गायों से प्राप्त दूध, घी, मक्खन एवं गोमूत्र समेत अन्य आइटमों की बिक्री कर निकलेगा।