न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मृत्यु प्रमाणपत्र के ऐवज में सुविधा शुल्क की मांग करना और न देने पर विधवा महिला को कागजों में कमी बताकर टहलाना एक ग्राम पंचायत अधिकारी को भारी पड़ गया। डीएम ने महिला की शिकायत पर पीडी डीआरडीए को जांच के आदेश कर दिये हैं।
गली नंबर चार मोहल्ला शास्त्री नगर नौरंगाबाद, हाल निवासी ग्राम नगला भगत उर्फ चंद्रपुरा गोंडा रोड निवासी मनोरमा पत्नी स्व. विजय कुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि उसके पति कासिमपुर पावर हाउस में नौकरी करते थे। पांच अक्तूबर 2018 को उनकी पावर हाउस के पास सरकारी शराब के ठेके के पास मौत हो गई।
उन्होंने पति के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। लेकिन नगर निगम ने कासिमपुर पावर हाउस जवां से आवेदन करने की बात कहकर आवेदन खारिज कर दिया। नौ अक्तूबर को उन्होंने जवां ब्लाक से आवेदन किया।
सारे दस्तावेजों के साथ पति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी लगाई। जब प्रमाणपत्र नहीं बना तो उसने स्वयं जवां ब्लाक के पंचायत सचिव हृदेश भारद्वाज से संपर्क किया।
उन्होंने प्रमाणपत्र बनाने के लिए दो हजार रुपये मांगे। 500 रुपये उन्होंने तत्काल दे दिये। शेष रुपये न दे पाने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। 27 नवंबर को पोर्टल पर देखने से पता चला कि अपूर्ण दस्तावेज दिखाकर उसे रिजेक्ट कर दिया गया है।