न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत सड़क व निर्जन स्थानों पर फेंके गए शिशुओं और अनाथ बच्चों की सहायता के लिए बनने जा रहे पालना शिशु केंद्रों का निर्माण जल्द से जल्द कराने के आदेश डीएम ने जारी किये हैं। उन्होंने सीएमओ एवं नोडल अफसरों को केंद्रों का डिजाइन जल्द फाइनल कर निर्माण शुरू कराने को कहा है।
डीएम चंद्रभूषण सिंह कलक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रथम समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। निराश्रित महिला पेंशन योजना की समीक्षा में पता चला कि जिले में कुल 23 हजार महिलाओं को योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। पिछले साल की पेंशन धनराशि का शत-प्रतिशत सभी महिलाओं के खातों में हस्तांतरण किया जा चुका है।
इस माह के अंत तक लाभार्थी महिलाओं के खाते में इस वर्ष की पेंशन की प्रथम किश्त हस्तांतरित कर दी जाएगी।
उन्होंने बाल कल्याण समिति के कार्यों की समीक्षा में निर्देश दिये कि जिले में बाल कल्याण समिति का गठन किया जा चुका है। समिति जरूरतमंद, भिक्षुक, आवारा, बाल श्रमिक, कूड़ा बीनने वाले, घूम-घूम कर तमाशा दिखाने वाले व अनाथ बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी शिक्षा एवं रहने का समुचित प्रबंध करे।
डीएम ने उप्र रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत प्राप्त शिकायतों के जायजा में पाया कि नोडल पुलिस अधिकारी पोर्टल पर कुल 101 वाद प्राप्त हुए, जिसमें से अभी 24 का निस्तारण होना शेष है। इसी प्रकार नोडल चिकित्साधिकारी के पोर्टल पर प्राप्त 65 शिकायतों में से 16 शिकायतों का अभी निस्तारण नहीं हुआ है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ महिला हैल्प लाइन 181, आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र, महिला शक्ति केन्द्र की भी समीक्षा की। इस अवसर पर एडीएम वित्त उदय सिंह, एडीएम सिटी एसबी सिंह, एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा समेत अन्य अफसर मौजूद थे।