न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पिछले करीब 2 महीनों से एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे मरीजों को जल्द ही अब राहत मिलने की संभावना है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ राम किशन ने कहा है कि 20 जुलाई के आसपास एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध हो जाएंगे।
इस समय जिले के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। इसके चलते मरीजों के समक्ष भटकाव की स्थिति है। इसको दूर करने के लिए भारत बायोटैक कसौली से करार किया गया है।
18-20 जुलाई के बीच इस कंपनी के इंजेक्शन की गुणवत्ता जांच की पुख्ता रिपोर्ट आने के बाद इंजेक्शन की आपूर्ति मिलने लगेगी। सीएमएस डॉ. रामकिशन कहते हैं कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली आदि के काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाना अनिवार्य होता है।
इंजेक्शन न लगवाने की स्थिति में और रेबीज के लक्षण होने की स्थिति में शत प्रतिशत मृत्यु होती है। जिससे बरसात के मौसम में कुत्ता काटने से परेशान सभी मरीजों को समय से इंजेक्शन मिल सकेंगे। बरसात के मौसम में ही कुत्ता काटने की सर्वाधिक घटनाएं सामने आती हैं
‘पूरे प्रदेश में ही यह संकट बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने अब कंपनी को जल्द आपूर्ति के लिए लिखा है। कसौली में जांच के बाद इनको 20 जुलाई तक सभी अस्पतालों में भेज दिया जाएगा’
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ