न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर के बारे में पत्र भेजे जाने के नौ दिन बाद भी सांसद सतीश गौतम को एएमयू की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। दूसरी ओर एएमयू का भी कहना है कि अभी सासंद के पत्र का जवाब नहीं भेजा गया है। सांसद के इसी पत्र के कारण जिन्ना प्रकरण सुर्खियों में है।
30 अप्रैल को सांसद ने एएमयू के कुलपति को पत्र लिखकर जिन्ना की तस्वीर लगाने का औचित्य पूछा था। सांसद का कहना है कि आखिर एएमयू की कौन सी मजबूरी है कि उसे जिन्ना की तस्वीर लगानी पड़ रही है। पूरी दुनिया जानती है कि जिन्ना भारत के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे। मीडिया में जिन्ना की तस्वीर से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद हंगामा मचा हुआ है।
दो मई को हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता एएमयू में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करने पहुंच गये। इनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प हो गयी। इसी बीच जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर लिखाने जा रहे एएमयू छात्रों पर लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के गोले छोड़े गए। यह घटना उस समय घटी जब पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी एएमयू के गेस्ट हाउस नंबर तीन में मौजूद थे। उसी दिन से एएमयू छात्र हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी एवं लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने आदि की मांग को लेकर धरना पर बैठे हैं।
इस संबंध में एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि अभी सांसद के पत्र का जवाब नहीं गया है। सांसद सतीश गौतम का कहना है कि वह दो दिनों से अलीगढ़ से बाहर है। दो दिन में पत्र का जवाब आया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। सांसद के पीआरओ रह चुके संदीप चाणक्य का कहना है कि एएमयू के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।