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अलीगढ़ में मंत्री ने घोषित किया ओडीएफ, शौचालय नदारद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अतरौली (अलीगढ़)।
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ब्लाक अतरौली की ग्राम पंचायत नहल के मजरा कमालपुर को शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के हाथों ऑनलाइन ओडीएफ घोषित करा दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इस गांव में आधे से अधिक घरों में शौचालय नहीं बने हैं। शत प्रतिशत घरों में शौचालय बनना दूर एक भी ग्रामीण के खाते में धनराशि तक स्थानांतरित नहीं हुई है। गांव के महज पांच शौचालयों पर काम चल रहा है, वह भी पूरी तरह से नहीं बन सके हैं। ग्रामीण भी इस बात पर भौचक हैं कि बगैर शौचालय बने उनका गांव ओडीएफ कैसे घोषित हो गया?

खानपुर गांव में गुरुवार रात चौपाल के दौरान शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के हाथों पंचायत राज विभाग ने कमालपुर को ब्लाक अतरौली का पहला ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त के लिए शत प्रतिशत घरों में शौचालय बनना) गांव ऑनलाइन घोषित कराया था।
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गांव के दयाराम पुत्र सोनपाल, सुरेश पुत्र तेजपाल, होड़िल पुत्र खमानी सिंह, हरप्रसाद पुत्र खमानी सिंह, देवीसरन पुत्र सुखवीर सिंह के यहां शौचालय बनने का काम चल रहा है। अभी पूरी तरह शौचालय बने नहीं हैं। इनके खातों में भी एक रुपया नहीं पहुंचा है। विभाग खुद इनके शौचालय बनवा रहा है।

गांव में कुछ परिवारों ने खुद के खर्च पर शौचालय बनवा रखे हैं। फिर भी इस गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित करा दिया गया। यहां तक कि पात्रता की शर्त पूरी करने वाले अंत्योदय कार्डधारक हरीओम शर्मा व लाजपत के यहां भी शौचालय नहीं बने हैं।

- हमारे गांव में किसी भी व्यक्ति को शौचालय की धनराशि नहीं मिली। सेक्रेटरी खुद ही शौचालय बनवाने की बात कह रहे हैं। - चिंटू चौधरी, ग्राम पंचायत सदस्य।
- शौचालय बने नहीं और गांव ओडीएफ घोषित कर दिया। यह हास्यास्पद लग रहा है। ग्रामीणों के साथ मजाक हो रहा है। - गोर्वधन
- शौचालय न होने से आज महिलाएं खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। किसी भी घर में शौचालय नहीं बना है।- पुलिया देवी।
- हम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। कई बार कहा हमारे यहां शौचालय बनवा दो, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। - सुनीता देवी।

- ऑनलाइन सूची तैयार है, बस पैसा ट्रांसफर होना है। शौचालय बनने का काम चल रहा है। हर पात्र घर में शौचालय बनेगा। ओडीएफ घोषित होने के 90 दिन के भीतर जिला, मंडल और प्रदेश स्तर की टीम सत्यापन करेगी। - धनराज सिंह, एडीओ पंचायत।
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ओडीएफ घोषित होने के लिए जरूरी है कि सभी लाभार्थियों के घर पर शौचालय बन जाएं। अगर नहीं बने हैं तो गांव को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सकता है। लाभार्थी के खाते में पैसा पहले जाना अनिवार्य नहीं है।
पारुल सिसौदिया, डीपीआरओ।
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