न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आवारा पशुओं विशेष रूप से गायों के लिए गांव कंदौली एवं कोमला में बनने जा रहे पशु आश्रय स्थल में गायों को छह तरीके की पौष्टिक घास खाने को मिलेगी। पशुपालन विभाग ने इसकी कार्य योजना तैयार कर ली है। यही नहीं ढैंचा की तरह दिखने वाला प्रोटीनयुक्त सुबबूल का पौधा चारागाह भूमि के चारों ओर किनारों पर लगाया जाएगा।
इसके अलावा लैमन, स्टाइलो, हाथी, मक्खन, दीनानाथ तथा हाइब्रिड नेपियर घास चारागाह स्थल पर लगवाई जाएगी। जिला पशुपालन अधिकारी ने बताया कि 20 हेक्टेयर एरिया में लगने वाली इन सभी घासों को गायों के शेड के आसपास लगवाया जाएगा, ताकि पशु शेड से निकलकर इन्हें खा सके।
इन घासों को खाने के कारण गायों को अतिरिक्त चारे की जरूरत नहीं होगी। 23 प्रतिशत प्रोटीनयुक्त सुबबूल का पौधा गायों के लिए खासा फायदेमंद रहेगा। यह छाया तो देगा ही, साथ ही पौष्टिक चारे के रूप में भी प्रयुक्त हो सकेगा।
बनाए जाएंगे गायों के लिए अलग-अलग शेड
आश्रय स्थल में गायों और सांडों के रहने के लिए दो अलग-अलग शेड बनाए जाएंगे। एक शेड में ऐसी गाय व सांड़ रखे जाएंगे जो उम्रदराज होकर दूध देने अथवा प्रजनन करने की क्षमता खो चुके हैं। दूसरे शेड में दुधारू गाय एवं प्रजनन क्षमता से भरपूर सांड़ रहेंगे।