न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सांकरा के एक इंटर कालेज में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी दे रहे शिक्षक को नकल रोकने पर गोली मारने की धमकी दी गई है। जिससे शिक्षक खौफजदा है और उसने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षक का कहना है कि उसे लगातार दो दिन से धमकी मिल रही है जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा है। उनके साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है। प्राथमिक विद्यालय सीकरी के शिक्षक अनुज कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें एक व्यक्ति द्वारा धमकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा है कि कृष्णा इंटर कालेज सांकरा में उनकी ड्यूटी लगी थी। केमिस्ट्री के पेपर में सर्च के दौरान बच्चों से नगल सामग्री पकड़ी। उसे बाहर फिंकवा दिया। इसके परिणाम स्वरूप जिन स्कूल के बच्चों से नकल पकड़ी थी उस स्कूल वालों से बच्चों ने शिकायत कर दी।
जिसके बाद उन्हें धमकी दी जा रही है। इसकी काल रिकार्डिंग उनके मोबाइल पर मौजूद है। उन पर कभी भी हमला हो सकता है। इस मामले में एसएसपी राजेश पांडेय ने संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को जांच कर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा छोड़ने का सिलसिला जारी
नकल के खिलाफ हो रही छापेमार कार्रवाई के कारण यूपी बोर्ड परीक्षा में परीक्षा छोड़ने का सिलसिला जारी है। बुधवार को हाईस्कूल का एक और इंटर के चार पेपर हुए। जिसमें 16 हजार 796 परीक्षार्थी पंजीक़ृत थे, जिसमें 3 हजार 445 ने मैदान छोड़ दिया।
बुधवार सुबह हाईस्कूल की पारी में कंप्यूटर के पेपर में जिले में 1269 परीक्षार्थी पंजीकृत जिसमें 1215 ने परीक्षा दी और 52 मैदान छोड़ गये। दोपहर में इंटर के अंग्रेजी प्रथम के पेपर में 12454 परीक्षार्थी पंजीकृत थे जिसमे 10176 पे परीक्षा और 2278 ने पेपर छोड़ा।
कृषि गणित एवं प्रारंभिक सांख्यिकी पंचम के पेपर में 449 परीक्षार्थी आने थे लेकिन 409 ने परीक्षा दी और 40 नहीं आए। मनोविज्ञान द्वितीय के पेपर में 556 के सापेक्ष 492 ने परीक्षा दी 64 नहीं आए।
शिक्षा शास्त्र द्वितीय की परीक्षा में 1816 ने पंजीकरण कराया था लेकिन 1315 ने परीक्षा दी 501 मैदान छोड़ गए। कृषि रसायन विज्ञान में 254 परीक्षार्थी आने थे, जिसमें 244 उपस्थित हुए 10 ने परीक्षा छोड़ दी।
इस तरह से कुल पांच पेपर में 16 हजार 796 परीक्षार्थी पंजीक़ृत थे, जिसमें 3 हजार 445 ने मैदान छोड़ दिया। डीआईओएस ने बताया कि नकल के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण परीक्षार्थी मैदान छोड़ रहे हैं।