एएमयू की पहचान बन चुका बाब-ए-सैयद 10 दिन से बंद
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की पहचान बन चुका बाब-ए-सैयद (मुख्य प्रवेश द्वार) पिछले 10 दिनों से बंद है। करीब 7 साल बाद बाब-ए-सैयद लगातार इतने दिनों तक बंद रहा है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन एवं अनियमितता के खिलाफ छात्र 26 अक्तूबर से बाब-ए-सैयद बंद कर धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों की शिकायत में दम पाए जाने के बाद हिंदी, राजनीति विज्ञान विभाग सहित कुछ अन्य विभागों में जांच कमेटी का गठन किया गया है।
निकाय चुनाव के दौरान धरने पर बैठने के लिए थाना सिविल लाइन द्वारा कई छात्रों को पाबंद भी किया गया, लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए। धरने का नेतृत्व कर रहे छात्र संघ के निवर्तमान सचिव नबील उस्मानी का कहना है कि 2010 के बाद पहली बार लगातार 10 दिन से बाब-ए-सैयद बंद है।
2010 में छात्र संघ चुनाव को लेकर करीब 30 दिन बाब-ए-सैयद बंद रहा था। उसके बाद पहली बार लगातार 10 दिन से बाब-ए-सैयद बंद है, लेकिन अधिकारी उनकी मांगों को लेकर संवेदनशील नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पूरी नहीं हुई तो वे लोग 30 दिन बाब-ए-सैयद बंद रहने का रिकार्ड तोड़ देंगे। उल्लेखनीय है कि बाब-ए-सैयद एएमयू कैंपस में प्रवेश के लिए मुख्य गेट है। आज बाब-ए-सैयद एएमयू की पहचान बन गया है।
इस संबंध में डिप्टी प्रॉक्टर का कहना है कि वह छात्रों से बातचीत कर कोशिश कर रहे हैं कि धरना समाप्त हो। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।