कब खुलेगा राज, किसने ली चंचल और प्रद्युमभन की जान
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
वारदात हो और पुलिस उसके खुलासे के अंजाम तक न पहुंचे। ऐसा कम ही देखने को मिलता है, मगर महानगर की कुछ सनसनीखेज पुरानी वारदातें ऐसी हैं, जिन्हें कमोबेश पुलिस भुला चुकी है। इनमें अकेले क्वार्सी थाना क्षेत्र में बेहद चर्चित दिनदहाड़े ऑक्सीजन सप्लायर कारोबारी की लूट के इरादे से घर के दरवाजे पर हत्या और स्कूल जाती छात्रा चंचल के कत्ल की वारदात शामिल है। पुलिस के साथ इन दोनों के परिजन भी अब थककर बैठ गए हैं। परिजन खुलकर कहते हैं कि जब पुलिस ही किसी नतीजे पर नहीं पहुंची तो हम क्या कर सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इन वारदातों का राज कब खुलेगा।
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केस:1
घर से खींचकर मार डाला था ऑक्सीजन सप्लायर को
यह वाकया पांच अक्तूबर 2015 की दोपहर करीब पौने चार बजे का है। रामघाट रोड की पॉश मान सरोवर कॉलोनी में ऑक्सीजन सप्लायर 55 वर्षीय प्रद्धुम्न कुमार अग्रवाल उर्फ पप्पू अपनी पत्नी व बेटों के साथ रहते थे। दो माह की बीमारी के कारण वह घर पर ही रह रहे थे। बेटे कारोबार संभाल रहे थे। घटना वाले दिन तीन युवक दरवाजे पर आए और दस्तक दी। इस पर अंदर से पप्पू की पत्नी ने जाली से ही झांककर पूछा तो इन युवकों ने दिनेश राठौर उर्फ दिनेश ठाकुर का पता पूछा और मुख्य दरवाजे को खोलकर जाली तक पहुंच गए। इस पर अनीता ने मना कर दिया और अंदर आने पर ऐतराज जताया। इस पर तीनों युवकों ने जाली से अनीता को अंदर धकेला और खुद अंदर घुसे। इस पर अंदर गेस्ट रूम में ही बैठे पप्पू ने उठकर ऐतराज जताया तो बदमाश पप्पू से उलझ गए। इसके बाद वह बदमाशों को झगड़ते हुए बाहर मुख्य दरवाजे तक ले आए। जहां बदमाशों ने एक-एक कर दो गोलियां मार दीं और भाग गए। हत्या लूट के इरादे से होने का अंदेशा था। मगर आज तक राज न खुला।
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केस:2
स्कूल जाती छात्रा की गला घोंटकर हत्या
यह वाकया नौ दिसंबर 2016 की सुबह का है। बेगमबाग गली नंबर दो निवासी ताला फैक्ट्री श्रमिक अजय की 12 वर्षीय बेटी चंचल सुबह विष्णुपुरी स्कूल जा रही थी। इसके बाद वह अचानक गायब हो गई और दोपहर करीब साढ़े 11 बजे उसकी लाश सूर्य विहार के एक खाली प्लाट में ईंटों के ढेर के बीच मिली। उसके हाथ पांव बंधे थे और मुंह में रुमाल ठुंसा हुआ था। इस हत्याकांड में पुलिस जांच में यह तो साफ हो गया कि हत्या का मकसद सिर्फ हत्या था। पुलिस ने करीब 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर ली। मगर आज तक हत्या का राज उजागर न हो सका।
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- पुरानी घटनाओं को कतई भुलाया नहीं गया है। बाकायदा इन सभी की सूची बनाकर इनके खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच, एसओजी व सर्विलांस टीम के सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी हुई है। हां, यह सही है कि समय रहते इनके विषय में क्लू न मिल पाने के कारण खुलासे नहीं हो पा रहे। मगर जल्द खुलासे हों। इस तरह के प्रयास कराए जाएंगे और टीमों को निर्देशित भी किया जाएगा। - राजेश पांडेय एसएसपी
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