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अलीगढ़ में जीएसटी को लेकर मंडलीय बैठक

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सरकारी विभाग 30 जून तक लें जीएसटी नंबर
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

सरकारी विभागों को भी 30 जून से पहले अपना अपना जीएसटी नंबर लेना है, जिससे वह टीडीएस कटाने सहित अन्य वित्तीय कार्यों में नियमानुसार टैक्स की अदायगी कर सकें।

इस सिलसिले में मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में बैठक लेकर मंडल के चारों जिलों के एडीएम वित्त और वाणिज्य कर अधिकारियों को निर्देश दिए।
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कहा कि एक जुलाई से पहले ही सरकारी विभागों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है। अभी तक अधिकांश विभाग वैट पर ही काम कर रहे हैं। साथ ही 30 जून तक जीएसटी के दायरे में आने वाले सभी व्यापारियों के पंजीकरण पर जोर दिया गया।

वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके जैन ने कहा कि जीएसटी दाता को उद्यमी या व्यवसायी न कहकर सिर्फ सप्लायर कहा गया है। जीएसटी का वेब पोर्टल पूरे देश में एक सा चलेगा। उत्तर प्रदेश जैसे विस्तृत राज्य में उद्योग और व्यवसाय तथा अच्छे जीवन स्तर होने के कारण माल की खरीद-फ रोख्त में जो वृद्धि होगी वह केंद्रीयकृत पोर्टल में एक साथ जमा होगी।

प्रदेश को अच्छा राजस्व भी मिलेगा। वाणिज्यकर अधिकारी पीके वर्मा ने बताया कि व्यापारियों, उद्यमियों या ठेकेदारों के भुगतान के समय स्रोत पर ही आयकर की जो कटौती होती थी, और कटौती करने वाले कार्यालय द्वारा इसका प्रमाण पत्र देने में लापरवाही होती थी, उससे ठेकेदार आदि सेवा प्रदाताओं को परेशानी होती थी। कभी-कभी डबल कटौती भी हो जाती थी, लेकिन जीएसटी लागू होने पर कटौती के पांच दिन की समयावधि में सूचना पोर्टल पर देनी होगी।
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लापरवाही करने पर कटौती करने वाले के विरुद्ध 100 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना लागू होगा। जीएसटी में कर की जो दर निश्चित की गई है उसमें परिवर्तन करने का अधिकार केंद्र या प्रदेश की सरकार को भी नहीं है, बल्कि जीएसटी काउंसिल को ही यह अधिकार है कि वह किसी विशेष पदार्थ सेवा के कर की दर बढ़ाए या घटाए। बैठक में चार जिलों के वाणिज्य कर अधिकारी और नोडल अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर आरएस विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।
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