जिले के 800 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति का रास्ता साफ हो गया है। यह उन चार हजार विद्यार्थियों की सूची में शामिल थे जिनको समाज कल्याण विभाग ने संदिग्ध माना था। इससे इनकी छात्रवृत्ति रुक गई।
शैक्षिक सत्र 1014-15 के कक्षा 10 से लेकर उच्च शिक्षा तक के करीब 28 हजार छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। न्यूनतम छात्रवृत्ति तीन हजार तथा अधिकतम 80 हजार रुपये दी जानी थी। इसके लिए आवेदन आनलाइन भरे गए थे। राज्य स्तर पर आनलाइन सत्यापन हुआ तो करीब 13 आवेदक संदिग्ध पाए गए। समाज कल्याण विभाग को इसका फिर से सत्यापन करने के आदेश दिए। दोबारा हुए सत्यापन में करीब चार हजार छात्र-छात्राएं संदिग्ध पाए गए। इनमें से 800 की छात्रवृत्ति का रास्ता साफ हो गया है। समाज कल्याण अधिकारी नगेन्द्र कुमार ने बताया कि 800 बच्चों के प्रार्थना मिले हैं।
इसमें जिस खामी के कारण आवेदन निरस्त किया गया था उसको दूर करने के लिए जानकारी दी गई है। अधिकतर बच्चों के आईएफसी कोड, बैंक आदि की त्रुटि थी। प्रार्थना पत्रों को लखनऊ भिजवाया जा रहा है। जिनका खाता नंबर गलत है उनको छोड़कर बाकी का सत्यापन कराकर छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।