बिजौली क्षेत्र के गांव दूधमा में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। बृहस्पतिवार शाम आठ वर्षीय हिमानी की उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में अभी करीब 12 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता है।
गांव निवासी अजीत की बेटी हिमानी पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिवार के सदस्यों ने बताया है कि उसका उपचार अतरौली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में मातम छाय गया है।
गांव में बुखार से मौत का यह दूसरा मामला है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लगातार बीमार पड़ रहे लोगों के कारण गांव में दहशत का माहौल है। बिजौली चिकित्साधीक्षक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है। बच्ची पहले से बीमार थी। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
11 अक्तूबर को हुई थी महिला की मौत
दूधमा गांव में बुखार से पहले भी एक जान जा चुकी है। 11 अक्तूबर को बुखार से पीड़ित रूमाली देवी की मौत हो गई थी। अब आठ वर्षीय हिमानी की मौत से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सोनू चौधरी के अनुसार, गांव में करीब एक दर्जन लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। उनका निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।