यतीश शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़। बिना वाहन की जांच किए प्रदूषण जांच का प्रमाणपत्र जारी करने वाले केंद्रों के बुरे दिन आने वाले हैं। परिवहन विभाग प्रदूषण जांच केंद्र की मशीन को कंप्यूटर से जोड़ने की तैयारी में है। विभाग उन्हीं लोगों को प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति देगा जो कंप्यूटर से वाहनों के प्रदूषण की जांच करेंगे और इसका डाटा ऑनलाइन उपलब्ध कराएंगे। ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाणपत्र को ही विभाग मान्यता देगा और इसके बाद ही वाहन की फिटनेस एवं ट्रांसफर संबंधी अन्य कार्य होंगे।
प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना वाहन की फिटनेस, ट्रांसफर एवं नवीनीकरण नहीं होता है। साथ ही चेकिंग के दौरान यदि प्रदूषण प्रमाणपत्र न हो तो वाहन का चालान भी कट जाता है। इसलिए वाहन की आरसी समेत अन्य कागजातों के अलावा प्रदूषण प्रमाणपत्र साथ रखना आवश्यक होता है। कुछ समय पहले तक कुछेक स्थानों पर ही प्रदूषण जांच केंद्र थे, लेकिन वर्तमान में अधिकतर पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित हो गए हैं। हालांकि अधिकतर के पास वह सारे उपकरण नहीं हैं जो कि प्रदूषण जांचने के लिए होने चाहिए, लेकिन आरटीओ से उन्हें अनुमति मिली है तो वह बिना वाहन जांच ही 50 से 100 रुपये में वाहन का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र जारी कर देते हैं।
इस व्यवस्था को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय जल्द ही अमल में आ जाएगा। एआरटीओ (प्रशासन) रंजीत सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग सभी कार्यों को ऑनलाइन करने में लगा हुआ है। परिवहन संभागीय कार्यालय में होने वाले सभी कार्य धीरे-धीरे ऑनलाइन होते जा रहे हैं। विभाग की योजना के अनुसार प्रदूषण जांच केंद्र पर लगे कंप्यूटर से प्रदूषण जांचने वाली मशीन को जोड़ा जाएगा। इसके बाद कंप्यूटर की रीडिंग वाहन के प्रदूषण के बारे में बताएगी और ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करेगी।
इस व्यवस्था से प्रदूषण जांच केंद्र वाले को कोई नुकसान नहीं होगा। वाहन पास हो या फेल वाहन के प्रदूषण की जांच करने की फीस उसे मिलेगी। फीस जमा करने के बाद ही वाहन की जांच होगी।
- राधेश्याम, आरटीओ