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बकरीद - नगर निगम नही ं उठाएगा खर्च-Cordination

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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बकरीद के मौके पर शाहजमाल ईदगाह के ठीक सामने लगने वाले प्रमुख राजनीतिक दलों के शिविर का खर्च उठाने से इस बार नगर निगम प्रशासन ने साफ इंकार कर दिया। बीते कई दशकों से इन शिविरों पर आने वाले व्यय का भुगतान नगर निगम करता रहा है। नगर आयुक्त के इस फैसले पर मेयर मो. फुरकान ने भी कोई टिप्पड़ी करने से इंकार कर दिया। दूसरी ओर पूर्व विधायक जफर आलम ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं को खुश करने के लिए यह किया जा रहा है।

बकरीद से ठीक पहले मंगलवार शाम तक इस बात की चर्चा होती रही कि शाहजमाल ईदगाह के ठीक सामने लगने वाले प्रमुख राजनीतिक दलों के शिविरों के खर्च का भुगतान कौन करेगा।
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दशकों पुरानी रवायत के अनुसार अब तक ये भुगतान नगर निगम प्रशासन ही करता आ रहा था, सरकार चाहे जिस पार्टी की रही हो। कांग्रेस, सपा और बसपा के साथ भाजपा के पूर्व शासन में भी ये व्यवस्था बनी रही। बीते वर्ष में भी योगी सरकार ने भी यह परंपरा निर्भाई। लेकिन इस साल अचानक फिजा बदल गई।

शाम को जीवनगढ़ पहुंचे नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने दो टूक कह दिया कि नगर निगम के शिविर में सबका खुले दिल से स्वागत है। इसके अलावा कोई भी शिविर लगने पर उसका भुगतान खुद संबंधित राजनीतिक दल को करना होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि वर्ष 2017 में क्या हुआ, उनको इससे कोई मतलब नहीं है।

उनके कार्यकाल में अब ऐसा नहीं होगा। इस पर पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने कहा है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों से किसी कार्यक्रम की अनुमति मांगी जाती है तो वह कहते हैं कि रवायत और परंपरा के अनुसार ही कार्यक्रम होगा। नई परंपरा नहीं डाली जाएगी।

लेकिन खुद वही प्रशासनिक अधिकारी दशकों पुरानी रवायतों को तोड़ रहे हैं तो आला अधिकारी खामोश क्यों हैं? यह चंद स्थानीय नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है। वे मुझसे कह देते तो मैं अपनी जेब से सबके शिविर लगवा देता लेकिन पुरानी रवायत नहीं टूटने देता।
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मेयर मो. फुरकान ने कहा कि इस मामले में नगर आयुक्त ही बेहतर बताएंगे। अंदरखाने मेयर भी नगर निगम इंतजामिया की इस दोटूक से खासे व्यथित हैं। दूसरी ओर सपा महानगर अध्यक्ष सैयद जावेद अजीज ने कहा है कि सपा ने अपने शिविर के लिए छह हजार रुपये का भुगतान किया है। बाकी दलों ने भी अपना अपना भुगतान किया है।
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