न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं सर कार्यवाह भैयाजी जोशी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात एवं सरकार में सर्जरी का संकेत मिलने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कई महत्वाकांक्षी नेता अपनी गोटी बैठाने के लिए लखनऊ में पहुंच गए हैं। वहीं कई बड़े नेताओं के संपर्क में है।
मिशन 2019 में जुटी प्रदेश की सरकार विरोधी दलों को मात देने के लिए गोटी बैठाने में जुटी है। चर्चा है कि विपक्षी दलों के गठबंधन से बन रही जातीय गणित की काट के लिए संघ ने समग्र हिंदुत्व की किलेबंदी की रणनीति तैयार की है।
विवादित मंत्रियों के पर काटकर सरकार की छवि साफ-सुथरी रखने की भी तैयारी चल रही है। फेरबदल का संकेत मिलने के बाद मंत्रिमंडल में जगह बनाने के लिए कई नेताओं ने प्रयास भी शुरू कर दिये हैं और अलीगढ़ भी इसमें पीछे नहीं हैं। यहां के कई जनप्रतिनिधि एवं नेता वर्तमान समय में लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं।
हालांकि प्रदेश मुख्यालय में मौजूद यहां के नेता वहां जाने का कुछ और कारण बता रहे हैं। कुछ नेता तो अलीगढ़ या दूसरे स्थान पर है लेकिन बराबर लखनऊ एवं दिल्ली के नेताओं के संपर्क में हैं। इस संबंध में कुछ भी बयान देने के लिए नेता तैयार नहीं हैं।