न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़।
उन्नाव में झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से संक्रमित इंजेक्शन लगाने की घटना के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग अब झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर सख्त हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 24 झोलाछापों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है, जबकि 20 को नोटिस दिए गए हैं।
इसके अलावा ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। जिले में करीब 450 से अधिक झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित किए हैं। अब इनके खिलाफ विभाग ने शिकंजा कसते हुए कार्रवाई शुरू की है।
सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अभी तक उन्हें 24 शिकायतें मिलीं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। इनमें से 24 के खिलाफ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनके पास कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं मिला जिसके आधार पर यह चिकित्सा का कार्य कर सकें।
इसके अलावा 20 अन्य को नोटिस दिया गया है वह अपने प्रमाण पत्र आदि लेकर सीएमओ आफिस पर आएंगे। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जो झोलाछाप चिह्नित किए हैं उनकी धर पकड़ के लिए तीन टीमें गठित की हैं। इन लोगों को जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
बहुत भ्रामक है आरएमपी: सीमओ
कुछ लोग अपने नाम के साथ आरपीएम यानी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर लिख लेते हैं, लेकिन यह शब्द बेहद भ्रामक है। रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर वही होते हैं, जिनके पास मेडिकल की कोई डिग्री होती है। लेकिन जनता इनके नाम के साथ लिखे इस वाक्य से भ्रमित हो जाती है।