निकाय चुनाव नवंबर में होने का ऐलान हो गया है। अलीगढ़ में एक नगर निगम, दो नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। जिनमें 12 लाख 24 हजार 115 लोगों की बड़ी आबादी में 7 लाख 45 हजार 850 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इससे उलट वर्ष 2012 के निकाय चुनाव में 11 लाख 7 हजार 583 की आबादी में 6 लाख 91 हजार मतदाता थे।
खास बात ये है कि वर्ष 2012 के मुकाबले में ईपी रेशियो (जनसंख्या के सापेक्ष वोटरों का अनुपात) पौने दो फीसदी घट गया है। वर्ष 2012 में ये अनुपात 62.4 था, जो साल 2017 में 60.93 रह गया है। ताजा आंकड़े 11 सितंबर को तैयार हुई मतदाता सूची के हैं।
इस बार अलीगढ़ नगर निगम की 9 लाख 71 हजार 71 लोगों की आबादी में 5 लाख 77 हजार 793 मतदाता अपना वोट डाल सकेंगे। पिछले वर्ष 2012 के निकाय चुनाव की तुलना में नगर निगम की आबादी लगभग एक लाख बढ़ गई है। वर्ष 2012 में नगर निगम की आबादी 8 लाख 90 हजार 27 थी और वोटरों की संख्या 5 लाख 34 हजार 853 थी।
चुनाव अधिकारियों की मानें तो बहुत जल्द आरक्षण भी घोषित हो जाएगा। जिसके बाद चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों और उनके नेताओं की बड़ी दुविधा हल हो जाएगी। प्रदेश का राज्य निर्वाचन आयोग इसका ऐलान जल्द ही करेगा। अलीगढ़ नगर निगम की सीट पर सभी की नजरें बेसब्र हो गई हैं। भाजपा, कांग्रेस हो या सपा, बसपा। अभी तक इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। निवर्तमान मेयर एवं भाजपा नेता शकुंतला भारती का कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ है।
भाजपा के सामने सीट बचाने की बड़ी चुनौती
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सभी प्रमुख सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। अलीगढ़ के सांसद, सात विधायक और निवर्तमान मेयर सभी भाजपाई हैं। हां एमएलसी जसवंत सिंह (स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से चुने गए सपा विधायक), एमएलसी जगवीर किशोर जैन (शिक्षक विधायक), एमएलसी असीम यादव (स्नातक विधायक सपा से) गैर भाजपाई एवं दूसरे दलों से हैं। अगर निकाय चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर हुआ तो इसका असर लोकसभा चुनाव 2019 पर पड़ सकता है। नोटबंदी, बूचड़खानों पर कार्रवाई, आधी-अधूरी तैयारियों के बीच लागू हुआ जीएसटी भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकता है। बाजार में मंदी ने कारोबार को भी प्रभावित किया है।
संगठन का फैसला सर्वोपरि ः शकुंतला भारती
भाजपा में मेयर पद के दावेदारों की संख्या सबसे अधिक होने की उम्मीद है। विधानसभा चुनाव में जिन दावेदाराें को टिकट नहीं मिला था, उन्हें निकाय चुनाव में तवज्जो देने का भरोसा दिया गया था। अब वो सभी दावेदार संगठन से लेकर शासन तक चक्कर लगा रहे हैं। वहीं निवर्तमान मेयर शकुंतला भारती का कहना है कि संगठन जो फैसला करेगा, वह मान्य होगा।
विपक्षी दलों के पास मुद्दों की कमी न
जो जनसमस्याएं भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। वही गैर भाजपाई दलों के लिए बहुत बड़ा मुद्दा हैं। मसलन, नोटबंदी, बूचड़खानों पर कार्रवाई, जीएसटी और बाजार में मंदी। रजवाहों में पानी न आना, सड़कों के गड्ढे, पेयजल आपूर्ति, देहाती इलाकों में बिजली कटौती, निकायों में विकास कार्यों के लिए पैसों का अभाव। ये सभी मुद्दे सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद के लिए मुंह मांगी मुराद हैं, जिससे वे भाजपा को घेरेंगे। ये भी हो सकता है कि निकाय चुनाव में ही विपक्षी दलों का गठबंधन हो जाए, ताकि भाजपा को हर हाल में हराया जा सके।
वोटर लिस्ट और चुनाव तैयारी में सहयोग करें
निकाय चुनाव में नये वोटर बढ़वाने और वोटरों के नाम पते आदि में संशोधन करने के लिए जिला स्तरीय बैठक कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में बुधवार शाम को हुई। अपर जिला अधिकारी प्रशासन एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी आरएन शर्मा ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह निकायवार वोटरों की लिस्ट लेकर वार्ड वार नये वोटरों को बढ़वाने में प्रशासन का सहयोग करें। बीएलओ डोर टू डोर जा रहा है।
एसडीएम और दूसरे निकाय चुनाव अधिकारियों को वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ सहित सभी तैयारियां पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर दूसरी बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 15 सितंबर को होगी। बैठक में कांग्रेस के नदीम गफूर, कम्यूनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी और भाजपा के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बसपा और सपा के प्रतिनिधि नहीं पहुंचे।
निकाय जनसंख्या मतदाता
1- अलीगढ़ नगर निगम 971071 577793
2- खैर नगर पालिका 42572 27993
3- अतरौली नगर पालिका 61383 42429
4- छर्रा नगर पंचायत 29113 18484
5- बेसवां नगर पंचायत 7088 4780
6- इगलास नगर पंचायत 17471 11420
7- जट्टारी नगर पंचायत 20704 13257
8- कौड़ियागंज नगर पंचायत 13792 9608
9- जलाली नगर पंचायत 22824 15108
10- पिलखना नगर पंचायत 12999 8155
11- विजयगढ़ नगर पंचायत 8576 5745
12- हरदुआगंज नगर पंचायत 16522 11078
योग 1224115 745850
नोट : 11 सितंबर को निकाय चुनाव की अपडेट मतदाता सूची
निकाय चुनाव पार्टी इस बार सिंबल पर लड़ेगी। अभी तक गठबंधन होने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। हम बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
- अशोक यादव, जिलाध्यक्ष सपा।
निकाय चुनाव में कांग्रेस अपना पूरा दम लगा रही है। लोग भाजपा शासन से त्रस्त हैं, इस बार निकाय चुनाव में भाजपा हारेगी।
- चौ.बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।