दुष्कर्म के अलावा अनुसूचित उत्पीड़न में भी आर्थिक मदद मिलती है। पिछले एक वर्ष में ऐसे 12 मामलों में अदालत से समाज कल्याण विभाग को रिपोर्ट दी गई है। जिनमें पीड़ित गवाही से मुकरे या पक्षद्रोही हुए हैं। उन पर भी निर्णय समाज कल्याण विभाग स्तर से लिया जाएगा।
बैंकों को भेजी जाती ऐसी सूचना
जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार कहते हैं कि अदालतों से ऐसे विवरण भेजे गए हैं, जिनमें कुछ ही ताजा मामले हैं। बैंकों से पत्राचार किया जा रहा है। पुराने प्रकरणों पर शासन के निर्देश पर निर्णय लिया जाएगा। कुछ मामले अदालत पहुंचने व ट्रायल शुरू होने से पहले ही झूठे पाए जाते हैं। उनमें भी बैंकों को सूचना देकर अनुदान रुकवाया जाता है।
ऐसे मिलती है आर्थिक मदद
- पॉक्सो में दुष्कर्म की धारा 4 व 6 के तहत तीन लाख रुपये की सहायता दो किस्त में मिलती है। एक किस्त मुकदमा दर्ज होने के 15 दिन में व दूसरी चार्जशीट दायर होने के एक माह में दी जाती है।
- सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 7 लाख रुपये की सहायता दो किस्त में मिलती है। एक किश्त मुकदमा दर्ज होने के 15 दिन व दूसरी चार्जशीट दायर होने के एक माह में दी जाती है।